बल्लभगढ़। पर्यावरण बचाने के लिए सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा धान फसल की पराली प्रबंधन मशीन खरीदने के लिए 50 से 80 फीसदी तक का अनुदान दिया जा रहा है। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर मशीन, रीपर वाइंडर और जीरो टिलेज मशीनों पर यह सुविधा उपलब्ध है।
एसडीएम अपराजिता ने बताया कि धान की पराली जलाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। यह हानिकारक गैसें मनुष्य व अन्य प्राणियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। सरकार द्वारा हिदायतों के अनुसार, फसलों के अवशेष को जलाना पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण कानून का भी उल्लंघन है। इसमें ईपीसी एक्ट 1981 की धारा 188 के तहत छह माह की सजा और जुर्माना दोनों लगाया जा सकता है।
इसके अलावा हरियाणा सरकार के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हिदायतों के अनुसार उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों के पालन प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उपमंडल में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण व वायु में प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण नियम, 1983 के तहत भी आदेश जारी किए गए हैं। इससे बल्लभगढ़ उपमंडल में पर्यावरण को बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण किया जा सके। एसडीएम ने सभी किसानों से अपील की है कि वह सरकारी अनुदान योजना का लाभ उठाकर पराली प्रबंध करें, उसे खेत में न जलाएं।