रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम, प्रदर्शन
- कर्मचारी नेता को निलंबित किए जाने का विरोध कर रहे रोडवेज कर्मी
- देर रात शाम तक भी विरोध, शुक्रवार को भी बसें नहीं चलाने का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के कर्मचारी नेता को निलंबित किए जाने का असर बृहस्पतिवार को फरीदाबाद में देखने को मिला। विरोध में पहले कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, बाद में चक्का जाम कर दिया। इससे यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, कर्मचारी नेताओं ने साफ किया है कि जब तक उन निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा, चक्का जाम जारी रहेगा।
फरीदाबाद डिपो की वर्कशॉप में रामआसरे नामक कर्मचारी मैकेनिक है। वह यूनियन का प्रदेश महासचिव भी है। विगत सात अगस्त को कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश भर में बसों का चक्का जाम किया था। इस आंदोलन में रामआसरे ने फरीदाबाद डिपो की कमान संभाली थी। इस पर सरकार ने 21 अगस्त को रामआसरे को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन से क्षुब्ध कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने 23 अगस्त की सुबह 10 बजे 2 घंटे का प्रदर्शन करने का फैसला लिया था।
बृहस्पतिवार सुबह रोडवेज यूनियन के कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए निलंबन वापसी की मांग उठाई। दोपहर तक भी जब कोई अधिकारी बातचीत करने नहीं आया तो यूनियन नेताओं ने चक्का जाम करने की घोषणा कर दी। इसके बाद कर्मचारी बसों के आगे दरी डालकर बैठ गए। सिटी बस सर्विस की एक बस गुरुग्राम जाने के लिए ड्राइवर ने जैसे ही स्टार्ट की, वैसे ही यूनियन नेताओं ने उसे बंद करने को कहा। इस पर वहां पहले से ही मौजूद सिटी थाना प्रभारी प्रीतपाल सांगवान और नेताओं के बीच बहस भी हुई। मामला बढ़ता देख ड्राइवर ने बस बंद कर दी। चक्का जाम की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने नेताओं को समझाने की काफी कोशिश की, मगर वह नहीं माने। रोडवेज कर्मचारी नेता रविंद्र नागर ने बताया कि शुक्रवार को भी चक्का जाम जारी रहेगा।