सूरजकुंड मेला में सहारनपुर के नीलकमल की लकड़ी से बने उत्पाद लोगों को आ रहे है पसंद । संवाद । भा
सहारनपुर से पहुंचे कारीगर नीलकमल अपनी लकड़ी कला से बना रहे पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पहुंचे कारीगर नीलकमल अपनी अनोखी लकड़ी कला के चलते खास पहचान बना रहे हैं। शीशम और आम की लकड़ी से तैयार किए गए उनके उत्पाद मेले में आने वाले लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक जरूरतों का बेहतरीन मेल उनके स्टॉल पर साफ नजर आ रहा है।
नीलकमल की ओर से तैयार की गई 25 किलो वजनी समय दर्शाने वाली लकड़ी की घड़ी मेले में आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। नीलकमल ने बताया कि वे पिछले करीब 15 वर्षों से लगातार सूरजकुंड मेले में भाग ले रहे हैं। उनकी मेहनत और कारीगरी से आज लगभग 40 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिनकी आजीविका इन्हीं लकड़ी उत्पादों पर निर्भर है। उनका उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
उनके स्टॉल पर शीशम और आम की लकड़ी से बने किचन उपयोग के सामान और घर को सजाने वाले उत्पादों की बड़ी रेंज उपलब्ध है। इनमें चकला-बेलन, लकड़ी के बर्तन, ग्लास, कटोरे, डिब्बे, सजावटी लैंप सहित कई अन्य आकर्षक वस्तुएं शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की खासियत यह है कि ये टिकाऊ होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। मेले में आने वाले लोग न केवल इन उत्पादों की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि पारंपरिक लकड़ी कारीगरी की भी जमकर सराहना कर रहे हैं। नीलकमल की कला सूरजकुंड मेले में देसी हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को मजबूती से प्रस्तुत कर रही है।