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ट्यूबवेल बंद करने गई नगर निगम टीम को महिलाओं ने लौटाया

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ट्यूबवेल बंद करने गई नगर निगम टीम को महिलाओं ने लौटाया
- इंदिरा एन्क्लेव में तीन माह पहले हुई थी बोरिंग
- आला अधिकारी के दबाव में बंद करने का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। इंदिरा एंक्लेव सेक्टर-21 डी में तीन माह पहले लगाए गए ट्यूबवेल को शुक्रवार उखाड़ने पहुंचे नगर निगम दस्ते को स्थानीय महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने निगम दस्ते पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया। अधिकारियों का कहना है कि आला अधिकारियों के आदेश पर ट्यूबवेल की मोटर निकाल कर उसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है जिसमें महिलाएं बाधा उत्पन्न कर रही हैं, पुलिस बल के साथ मोटर निकलवाई जाएगी।
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सेक्टर-21 डी के पास स्थित इंदिरा एन्क्लेव अन अप्रूव्ड एरिया में आता है। यहां नगर निगम विकास कार्य नहीं करवाता। पानी आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे इंदिरा एन्क्लेव वासियों ने फरवरी-मार्च माह में स्थानीय जन प्रतिनिधि से गुहार लगाई थी। जन प्रतिनिधि के आदेश पर एडीसी कार्यालय से यहां एक ट्यूबवेल स्वीकृत हुआ था। एडीसी के आदेश पर नगर निगम ने जिस जगह बोरिंग शुरू करवाई वहां स्थानीय शहरी विकास विभाग के प्रदेश स्तरीय अधिकारी के रिश्तेदार का घर है। रिश्तेदार ने उस अधिकारी से कह कर बोरिंग रुकवा दी थी। बोरिंग रुकवाए जाने की जानकारी जन प्रतिनिधि को हुई तो उन्होंने दबाव डलवा कर इसे पूरा करवा दिया। तब से यह ट्यूबवेल आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि के बीच साख का मुद्दा बना हुआ है। आला अधिकारी के दबाव में यह ट्यूबवेल बंद करने की कवायद चल रही है। शुक्रवार को इस ट्यूबवेल की मोटर निकालने के लिए निगम के कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम टीम के साथ पहुंचे। वीरेंद्र कर्दम ने बताया कि पास ही एक दूसरी बोरिंग की गई है यह मोटर उस बोरिंग में लगाई जानी है। जैसे ही बोरिंग से मोटर निकालने का प्रयास किया आसपास की महिलाएं आ गईं और विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं के आगे कार्यकारी अभियंता की एक न चली उन्हें लौटना पड़ा। वीरेंद्र कर्दम ने बताया कि मोटर निकालने के लिए पुलिस बल की मांग की गई है, पुलिस बल मिलते ही मोटर को दूसरी बोरिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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