फंड की कमी के कारण नहीं रुकेंगे विकास कार्य, अधूरे पड़े प्रोजेक्ट होंगे पूरे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में लंबे समय से फंड की कमी के कारण अटके विकास कार्यों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम को स्टाम्प शुल्क का 2 प्रतिशत हिस्सा सीधे और बिना देरी के मिलने की व्यवस्था से निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसका सीधा असर शहर के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट, बुनियादी सुविधाओं और छोटे विकास कार्यों पर देखने को मिलेगा।
फरीदाबाद नगर निगम अब तक विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार पर काफी हद तक निर्भर रहा है। फंड जारी होने में देरी के कारण कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। कई बार टेंडर होने के बावजूद भुगतान अटकने से काम रुक गए। ऐसे में स्टाम्प शुल्क से मिलने वाली नियमित आय निगम के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। जानकारों के अनुसार फरीदाबाद जैसे तेजी से विस्तार करते शहर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्टाम्प शुल्क से होने वाली कुल आय भी काफी बड़ी है। अब इसका 2 प्रतिशत हिस्सा सीधे नगर निगम को मिलने से हर महीने एक स्थिर फंड फ्लो सुनिश्चित होगा।
रुकी परियोजनाओं को मिलेगी गति
नगर निगम के लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट को निगम आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए दोबारा तेजी से शुरू करने व पूरा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने पिछले साल नवंबर में कई बड़े प्रोजेक्ट जो एफएमडीए के हवाले थे उन्हें निगम की तरफ से जल्द पूरा करवाने की प्रक्रिया शुरू करवा दी थी। वहीं अब फंड आने से इन कार्य को और तेजी मिल सकेगी। इनमें प्रमुख रूप से राजा नाहर सिंह स्टेडियम का अपग्रेडेशन, सेक्टर-12 स्थित निगम मुख्यालय का विस्तार और बल्लभगढ़ में निगम कार्यालय का निर्माण शामिल हैं।
राजा नाहर सिंह स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर करीब 115 करोड़ों रुपये की लागत प्रस्तावित है लेकिन बजट के अभाव में काम अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। इसी तरह सेक्टर-12 में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बनाए जा रहे भवन और बल्लभगढ़ जोन कार्यालय के निर्माण में भी देरी हो रही है। अब नियमित फंड मिलने से इन परियोजनाओं के तय समय में पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
छोटे विकास कार्यों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती वार्ड स्तर पर छोटे-छोटे कामों को समय पर पूरा करने की रही है। सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्य अक्सर बजट की कमी के कारण प्रभावित होते रहे हैं। अब स्टाम्प शुल्क से मिलने वाले फंड का उपयोग इन कार्यों में प्राथमिकता से किया जा सकेगा। इससे शहर के नागरिकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी और स्थानीय स्तर पर जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
बड़े प्रोजेक्ट्स में भी आएगी तेजी
फरीदाबाद में हाल के वर्षों में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, जल आपूर्ति योजनाएं, स्मार्ट रोड डेवलपमेंट और सेक्टर-89 जैसे क्षेत्रों में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजनाएं शामिल हैं जिन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इन परियोजनाओं में समय पर भुगतान न होने से काम की गति प्रभावित होती रही है। अब निगम के पास खुद का एक स्थायी राजस्व स्रोत होने से ठेकेदार को समय पर भुगतान किया जा सकेगा जिससे निर्माण कार्यों में रुकावट कम होगी।
अब शहर के विस्तार के साथ बढ़ेगी आय
फरीदाबाद में तेजी से हो रहे शहरीकरण और नए सेक्टरों के विकास के चलते प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्टाम्प शुल्क से होने वाली आय और बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ नगर निगम को मिलेगा। इससे निगम मौजूदा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ भविष्य की नई योजनाओं के लिए भी वित्तीय रूप से सक्षम हो पाएगा।
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