ऑर्डर में 40 प्रतिशत तक की गिरावट, कर्मचारियों की नौकरी पर भी बढ़ रहा संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध का असर अब स्थानीय उद्योगों पर नजर आने लगा है। फरीदाबाद का कपड़ा उद्योग महंगाई और कच्चे माल की कमी से जूझ रहा है। उद्योगपतियों के मुताबिक, कच्चे माल की कीमतें दोगुना तक बढ़ चुकी हैं, जबकि ऑर्डर में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इन फैक्टरियों में काम करने वाले हजारों लोगों के रोजगार पर भी संकट उत्पन्न हो गया है।
फरीदाबाद में कपड़े की छोटी-बड़ी करीब 150 औद्योगिक इकाइयां हैं। ये मुख्य रूप से निर्यात और घरेलू बाजार के लिए काम करती है। ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कपड़ा उद्योग में उपयोग होने वाले धागे, केमिकल्स और रंग महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही पॉलिएस्टर कपड़े की कीमतों में भी तेज उछाल आया है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कई कच्चे माल की कीमतें दोगुनी तक बढ़ चुकी है। वहीं उत्पादन उतना ही घटता जा रहा है।
उद्यमियों के अनुसार, नए ऑर्डर में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि पुराने ऑर्डर में भी ठहराव आ गया है। इससे फैक्टरियों में उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा और कई यूनिट आंशिक रूप से ही संचालित हो रही हैं। अगर ऐसा ही माहौल रहा तो आने वाले दिनों में इन उद्योगों में कर्मचारियों की छंटनी भी हो सकती है। उद्योगपतियों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी खरीदार भी सतर्क हो गए हैं। टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्योगपति आरएन माहेश्वरी और दीपक प्रसाद का कहना है कि टेक्सटाइल फैक्टरियों में 24 घंटे उत्पादन चलता है, ऐसे में गैस की निरंतर आपूर्ति बेहद जरूरी है। फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने प्रशासन को पत्र लिखकर पीएनजी नीति में बदलाव की मांग की है।