फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएचएम हड़ताल: नहीं मिली एंबुलेंस, ऑटो में हुई महिला की डिलीवरी ..

विज्ञापन
विज्ञापन
एनएचएम हड़ताल: फिर नहीं मिली एंबुलेंस, ऑटो में हुई डिलीवरी, नवजात की मौत
विज्ञापन


फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हड़ताल के कारण प्रसुताओं को एंबुलेंस सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस कारण शनिवार को एक प्रसुता ने ऑटो में ही बच्चे को जन्म दिया। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर रोष मार्च निकाला। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सोमवार तक मांगे पूरी न हुई तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
प्रसुताओं पर भारी पड़ रही एनएचएम हड़ताल के कारण बीते तीन दिनों में दो महिलाओं ने ऑटो या फिर अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। शनिवार को मेवला महाराजपुर निवासी भगवती नाम की महिला ने ऑटो में बच्चे को जन्म दिया, मगर जब तक जच्चा-बच्चा अस्पताल पहुंचे नवजात की मौत हो चुकी थी। भगवती के पति अंशु का आरोप है कि स्थानीय शहरी स्वास्थ्य केंद्र उनके घर के पास रेलवे लाइन के पार है। उस पर ताला लटका हुआ था। उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन किया, मगर किसी ने फोन नहीं उठाया। इस पर भगवती ऑटो में अपने सास-ससुर के साथ बीके सिविल अस्पताल के लिए निकली। अंशु ने बताया कि इस दौरान अस्पताल पहुंचने से पहले ही नीलम चौक के पास करीब 12 बजे ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। भगवती ने बताया कि वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

अंशु का आरोप है कि सरकारी स्तर पर व्यवस्थाएं होती तो आज उसका बच्चा जीवित होता। इसी तरह बृहस्पतिवार को एंबुलेंस न मिलने से बृहस्पतिवार को राजकुमारी नाम की एक महिला ने भी इमरजेंसी गेट पर बच्ची को जन्म दिया।
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील माही का कहना है कि सरकारी स्तर पर सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। नियमित एंबुलेंस ड्राइवर और निजी अस्पतालों से सहायता ली जा रही है। एंबुलेंस नंबर पर आने वाले हर फोन पर सहायता मुहैया कराई जा रही हैं। ऐसे में महिला प्रसव में चूक कैसे हुई यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि कई लोग हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं ठप मान रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मौजूदा कर्मचारियों के सहारे सभी व्यवस्थाएं बनी रहें।
विज्ञापन


एनएचएम कर्मियों ने परिवार सहित निकाला रोष मार्च
- थाली बजाकर कुर्सी पर बैठे नुमाइंदों को चेताया

एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन अब उग्र हो चला है। इसी कड़ी में शनिवार को बीके सिविल अस्पताल से 670 कर्मचारियों ने काले कपड़े पहन परिवार सहित रोष मार्च निकाला। एनएचएम जिला प्रधान डॉ. धरवेंदर ने बताया कि कर्मचारियों में सरकारी नीतियों के लिए काफी गुस्सा है। उन्होंने बताया कि इसका असर परिवार के लोगों पर भी पड़ रहा है। इसीलिए शनिवार को सभी ने परिवार सहित मार्च निकाला। स्वास्थ्य कर्मियों ने थाली बजाकर कुर्सी पर बैठे नुमाइंदों को अपनी मौजूदगी का एहसास कराया। इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए। डॉ. धरवेंदर ने बताया कि औपचारिक रूप से वार्ता संदेश मिलने पर कोई विकल्प निकाला जाएगा। इसमें भी यदि सोमवार तक मांगे नहीं मानी गई तो मंगलवार को सभी दुपहिया पर सवार होकर संासद-विधायक और जिला उपायुक्त के कार्यालयों के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें