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Faridabad News: पानी-पानी हुए 18 गांव, 50 से अधिक लोगों का किया गया रेस्क्यू

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घरों से सामान निकाल रहे लोग, प्रशासन ने लोगों के लिए लगाए शिविर
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दुर्घटना से बचाव के लिए काटी गई बिजली सप्लाई
4 से 5 फीट तक भर गया है पानी, रात को पानी और बढ़ने की संभावना
फसलों को हुआ भारी नुकसान, किसान परेशान


अमर उजाला ब्यूरो


फरीदाबाद। यमुना नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण फरीदाबाद के करीब 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें थाना छांयसा व तिगांव के अलीपुर, कबुलपुर, महमूदपुर, तिगांव, अरुआ, घुडासन, शाहाबाद, नरावली, चांदपुर, शाहजहांपुर, कौराली, बदरोला, सिडौला व भुआपुर शामिल हैं।
वहीं बसंतपुर और इस्माइलपुर गांव के लोगों के घरों में पानी भर चुका है। इसके साथ ही किडावली और लालपुर गांव के खेतों में लगी फसल जलभराव के कारण बर्बाद हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से करीब 50 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। उपायुक्त के निर्देश पर अधिकारी 24 घंटे के अलर्ट पर हैं। रात में पानी का स्तर और ज्यादा बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है। फरीदाबाद के बसंतपुर व आस-पास के गांवों में इस माह में दूसरी बार यमुना नदी का पानी भर गया है। इससे पहले इलाके में करीब 10 दिन पहले पानी भरा था, जिसे निकलने में तीन दिन लग गए थे। इसके बाद इलाके में शुक्रवार को दोबारा पानी भर गया। शनिवार को पानी कुछ कम हुआ था लेकिन इसके बाद दोबारा पानी बढ़ना शुरू हो गया। यमुना का पानी बढ़ने के बाद फरीदाबाद के करीब 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। यमुना किनारे बसे इन निचले इलाकों में पहले भी कई बार पानी भर चुका है लेकिन इस बार पांच दिन होने के बाद पानी निकलना तो दूर की बात लगातार बढ़ता जा रहा है।
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आस-पास के लोग मलबा डालकर बना रहे पुस्ता


यमुना के पानी से प्रभावित इलाके के पास मौजूद दूसरे गांवों के लोग मलबा डालकर पानी को रोकने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उनके घरों तक पानी न भर जाए। वहीं लगातार पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने के बाद लोग मजबूरन अपनी छतों पर या प्रशासन के शिविर में रुकने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि इस बार पानी ज्यादा आ रहा है। पिछले साल इतना अधिक पानी नहीं आया था।


लगातार छोड़ा जा रहा है पानी


बसंतपुर गांव व आस-पास के इलाकों में पानी भरने के बाद विद्युत निगम की तरफ से इलाके की बिजली काट दी गई है ताकि पानी के कारण कोई हादसा न हो। बिजली न आने के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि पानी का स्तर कम होने पर दोबारा से सेवा शुरू कर दी जाएगी। मंगलवार शाम 4 बजे ताजेवाला से 30,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि ओखला बैराज से 89,223 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। वर्तमान में ओखला बैराज का जलस्तर 199 मीटर के आसपास है जो खतरे के स्तर 200.60 मीटर के पास है।
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रात में बढ़ सकता है जलस्तर
अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी में बने बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसलिए पानी के रात में यहां से गुजरने की संभावना है। यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद प्रभावित इलाकों में पानी और ज्यादा बढ़ सकता है। जिला पुलिस व एसडीआरएफ ने अभियान चलाकर बाढ़ संभावित इलाके से 50 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया है। वहीं प्रशासन के कर्मचारी लगातार मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति इतनी गंभीर नहीं है लेकिन फिर भी लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई दिनों से पानी भरे होने के कारण इलाके में मौजूद खेतों में लगी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि पानी भरे होने से सारी मेहनत खराब हो गई।
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