शहर की पहचान बनेगा ‘गेटवे ऑफ अरावली’
अमित भाटिया
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में प्रवेश करने वालों को अरावली की हरीभरी वादियों की छटा दिखाने के लिए वन विभाग ने गेटवे ऑफ अरावली योजना तैयार की है। इसके तहत फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड सहित शहर के तीन प्रमुख मार्गों पर फूलदार व फलदार विदेशी किस्म के पौधे लगाकर अरावली को शोकेस किया जाएगा। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को अलग ही नजारा देखने को मिलेगा। फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड और बाईपास रोड पर सड़क किनारों की साफ सफाई का काम शुरू हो चुका है, जल्द ही पौधे लगने भी शुरू हो जाएंगे।
जिन तीन मार्गों पर पौधे लगाए जाने हैं, उनमें गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड, बल्लभगढ़-सोहना रोड और बाईपास रोड शामिल हैं। इन मार्गों पर तीन हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 2 किलोमीटर तक ये पौधे लगाए जाएंगे। फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर मांगर पुलिस चौकी से बंधवाड़ी गांव तक और बाईपास रोड पर सेक्टर-आठ मंदिर से आगे तक पौधे लगाए जाएंगे। इन दोनों स्थानों पर सड़क के दोनों तरफ की सफाई करवा दी गई है तथा जल्द ही तारबंदी कर पौधे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड तथा बाईपास रोड पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, ऐसे में यहां से गुजरने वाले लोगों खासकर विदेशी नागरिक गंदगी देखकर शहर की गलत तस्वीर अपने देश में जाकर प्रस्तुत करते हैं। इसको देखते हुए वन विभाग ने इस योजना को शुरू किया है।
विदेशी फूलों से महकेंगी सड़कें
गेटवे ऑफ अरावली के तहत सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए पहले रोड के किनारे उगी झाडिय़ों व कीकर को साफ किया गया है। इन सड़कों पर अलग-अलग दस तरह के फूलों वाली बोगन बेल, बेनजामिना फाइकस, हमेलिया, गुलमोहर, डबल चांदनी, डबल गुडल सहित अन्य कई किस्म के विदेशी पौधे वहां लगाए जाएंगे। सड़क के दोनों तरफ तीन-तीन क्यारियां तैयार की जाएंगी, जिसमें पहले छोटे फूलदार पौधे, दूसरी क्यारी में थोड़े बड़े पौधे व तीसरी क्यारी में पेड़ लगाए जाएंगे। इससे दूर से ही ये अलग से दिखाई देंगे। इन दोनों सड़कों पर पौधे लगाए जाने के बाद बल्लभगढ़-सोहना रोड पर पौधे लगाने का काम शुरू किया जाएगा।
कोट
पौधों को पशु नुकसान न पहुंचा सकें, इसके लिए पहले तारबंदी करवाई जा रही है और उसके बाद पौधे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि ये अगले सप्ताह तक शुरू हो जाएगा और नवंबर के पहले सप्ताह में काम पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद इन पौधे की नियमित देखभाल भी की जाएगी।
- रमेश कुमार चपराना, रेंज अफसर, वन विभाग फरीदाबाद व बल्लभगढ़