खोखा कॉलोनी को बचाने के लिए दिया धरना
-केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व जिला उपायुक्त से मिलने पहुंचे लोग, नहीं हुई मुलाकात
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
एनआईटी-2 सीजे ब्लॉक स्थित खोखा कॉलोनी को बचाने के लिए बृहस्पतिवार को कॉलोनीवासियों ने कॉलोनी के बाहर रोड पर धरना दिया। इस दौरान वहां पहुंचे पार्षद मनोज नासवा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे कॉलोनी को उजड़ने नहीं देंगे। धरना देने के बाद कालोनीवासी केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व जिला उपायुक्त समीरपाल सरो से मिलने पहुंचे, मगर वे उपलब्ध नहीं थे।
जब से कॉलोनीवासियों को तोडफ़ोड़ होने की खबर मिली है तब से उनके होश उड़े हुए हैं। अपने आशियाने बचाने के लिए कॉलोनीवासी हर राजनेता और अधिकारी का दरवाजा खटखटा रहे हैं, मगर हर जगह से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को कॉलोनी में कुछ देर के लिए महापौर सुमन बाला पहुंची, मगर वे वहां ज्यादा देर नहीं रुकीं। इससे भी लोगों में नाराजगी है कि जनप्रतिनिधि उनकी बात ही ढंग से सुनने को तैयार नहीं हैं। इसको लेकर कॉलोनी के लोगों ने रोड पर कुछ देर के लिए धरना दिया और उसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, मगर वे वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद वे जिला उपायुक्त समीर पाल सरो के निवास पर पहुंचे, मगर उनसे भी लोगों की मुलाकात नहीं हो पाई। ऐसे में अब कॉलोनीवासियों की नजरें शुक्रवार को निगमायुक्त की महापौर व पार्षदों के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि शुक्रवार की बैठक में समस्या का कोई हल नहीं निकला तो फिर वे धरने प्रदर्शन की रणनीति बनाएंगे।
बता दें कि एनआईटी-2 सीजे ब्लॉक में करीब 50 साल पहले बाल्मीकि समाज के लोग खोखे डाल कर अस्थायी रूप से रहने लगे थे। धीरे धीरे इन लोगों ने खोखों की जगह पक्के निर्माण कर लिए। शहर के बीचों बीच बसे इन परिवारों को अवैध बता नगर निगम ने तोडफ़ोड़ का प्रयास किया तो इन लोगों ने न्यायालय में वाद दायर कर दिया। निगम अधिकारियों के मुताबिक, कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने कॉलोनी वालों की अपील खारिज करते हुए बस्ती को अवैध घोषित कर तोडफ़ोड़ के आदेश जारी किए थे। बस्ती के अमित कश्यप दावा करते हैं कि हाईकोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिए थे कि बस्ती वालों को घर बना कर दें। उनका आरोप है कि निगम इन परिवारों को डबुआ या बापू नगर भेजना चाहती है।