ललित के समर्थन में ‘84 पाल’ ने की पंचायत, जताया रोष
फरीदाबाद। लोकसभा चुनाव का टिकट कटने से नाराज ललित नागर के समर्थकों ने सोमवार को बसंत वाटिका में ‘84 पाल’ की पंचायत कर रोष व्यक्त किया। पंचायत में ग्रामीणों का कहना था कि जब टिकट काटना ही था तो दिया ही क्यों। ललित समर्थक इतने रोष में दिखे कि उन्होंने पंचायत में ही कहा कि वे अब अपना वोट नोटा को देंगे। हालांकि, ललित नागर शांत बैठे रहे। उन्होंने कहा कि दबाव और षड्यंत्र के तहत उनका टिकट काटा गया है और समय आने पर वे इसका खुलासा करेंगे। वे पार्टी के साथ हैं और पार्टी जो आदेश करेगी वह उस पर अमल करेंगे।
सोमवार सुबह बसंत वाटिका में बनाए गए ललित के चुनाव कार्यालय में ही उनके समर्थक जुटने शुरू हो गए। वहीं पर 84 पाल की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने ललित नागर के साथ बहुत बुरा किया है। यदि ललित को चुनाव लड़वाना ही नहीं था तो उन्हें टिकट क्यों दिया और टिकट दे दिया तो फिर वापस क्यों लिया। ललित समर्थकों ने पंचायत में एक सुर में कहा कि इसका पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इससे सीधे-सीधे विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को फायदा मिलने वाला है। ललित नागर को मिलने वाले वोट अब नोटा के खाते में जाएंगे।
नामांकन की थी पूरी तैयारी
ललित नागर ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह 22 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके लिए पंडित से शुभ मुहूर्त भी निकलवाया गया था। नामांकन के बाद बसंत वाटिका में ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जनसभा भी होनी थी। ऐसे में बसंत वाटिका में सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए थे। लोगों की भीड़ के मद्देनजर खाना भी तैयार करा लिया गया था।
टिकट काटने में षड्यंत्र रचा गया
टिकट कटने के बाद कांग्रेस विधायक ललित नागर ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी से एनएसयूआई के समय से जुड़े हुए हैं। उनका टिकट एक षड्यंत्र के तहत काटा गया है। इस फैसले से कांग्रेस पार्टी काफी कमजोर हुई है। समर्थक नाराज हैं। समर्थकों के साथ बात करेंगे और उन्हें मनाने का प्रयास करेंगे। आगे की रणनीति तय की जाएगी। वे पार्टी के साथ हैं और पार्टी जो आदेश करेगी, उस पर अमल करेंगे। उनके साथ जो षड्यंत्र हुआ है, समय आने पर वे उसका खुलासा करेंगे।