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खुद इंजेक्शन लगाने पर मजबूर मरीज, निजी वाहनों का किराया पड़ रहा भारी

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एनएचएम हड़ताल : बिगड़े हालात...मरीज ही कर रहे खुद का इलाज
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फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल मरीजों पर भारी पड़ती जा रही है। शुक्रवार को ज्यादातर सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। आलम यह रहा कि सिविल अस्पताल में मरीज खुद इंजेक्शन लगाते दिखे। सिविल अस्पताल पहुंचने के लिए भी निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे मरीज दिनभर परेशानियों से जूझते रहे। उधर, बृहस्पतिवार को पांच कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त करने के बाद शुक्रवार को विभाग ने दो और महिला कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी। इस प्रकार हड़ताल के कारण अब तक सात कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। कर्मचारी नेताओं की सेवाएं समाप्त करने के बाद से ही एनएचएम कर्मी रोष में है। इसी के कारण शुक्रवार को समाप्त होने वाली हड़ताल को तीन दिन बढ़ा कर सोमवार तक जारी रखने की घोषणा कर दी गई है। शनिवार को सभी हड़ताली कर्मचारी परिवार सहित काले कपड़े पहनकर रोष प्रदर्शन करेंगे।

बीमारी से नही, हड़ताल से बिगड़ रही लोगों की तबीयत
हरियाणा सरकार से कार्य सुरक्षा और नियमित नौकरी, सातवें वेतन आयोग के अनुसार भुगतान जैसी मांगों के कारण एनएचएम कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं देनी बंद कर दी हैं। इससे आम जन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिले में 678 एनएचएम कर्मचारी हैं। चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बीके सिविल अस्पताल में साफ दिखाई देती है। अस्पताल में कहीं इमरजेंसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही तो, कहीं निजी वाहनों पर हो रहा जेब खर्च बीमारी से ज्यादा दर्द दे रहा है। बल्लभगढ़ से दो बेटियों के साथ रेहड़ी पर आई बीरवती ने बताया कि ग्रामीण तबके के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटका है। नजदीकी शहरी क्षेत्र मुजेसर का स्वास्थ्य केंद्र भी बंद पड़ा है। यही हालात रेखा और वृद्धा अवस्था में कराहती सुशीला के भी थे।
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राष्ट्र स्वास्थ्य अभियान प्रभावित
एनएचएम कर्मचारियों के सहारे चलाए जाने वाले दो मुख्य अभियान पल्स पोलियो और राष्ट्र कृमि उन्मूलन सप्ताह बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। 10 फरवरी से शुरू होने वाले पोलियो अभियान को रविवार से शुरू करने की व्यवस्था नहीं बना पा रहे। इसी तरह राष्ट्रीय कृमि उन्मूलन दिवस सप्ताह सोमवार से शुरू नहीं हो सका।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा का कहना है कि कोई भी स्वास्थ्य व्यवस्था कर्मचारियों के कारण नहीं टाली गई है। उन्होंने बताया कि रविवार को शुरू होने वाला पोलियो अभियान राष्ट्र स्तर से स्थगित किया गया है। वहीं कृमि उन्मूलन दिवस को हरियाणा के सात जिलों में पेट के कीड़ों की दवा (एल्बेंडाजोल) उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। वहीं हड़ताल को खत्म करने के लिए भी राज्य स्तर से प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिति के अनुसार स्वास्थ्य व्यवस्थाएं की जा रही हैँ।
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