वहीं जब फर्जी डॉक्टर सुकेश के बारे में जब पता चली तो किसी ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर कर दी। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने आरोपी के क्लीनिक पर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले छह साल से क्लीनिक चला रहा था।
खेडीपुल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आरोपी भारत कॉलोनी में ही कपिल हेल्थ सेंटर के नाम से क्लीनिक चलाता है। आरोपी के खिलाफ संजय कुमार नाम के व्यक्ति ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। इस पर डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. विशाल सक्सेना, डॉ. प्रथम चौहान और सतपाल सिंह के साथ थाना पुलिस की टीम कपिल हेल्थ सेंटर पर जाकर सुकेश कुमार से क्लीनिक संबंधी दस्तावेज मांगे। आरोपी के पास कोई डिग्री नहीं थी और बारहवीं कक्षा तक पढ़ा है।
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले किसी डॉक्टर के पास कम्पाउंडर था। थोड़ा काम सीखने के बाद उसने खुद का क्लीनिक खोल लिया। एक मरीज देखने के लिए 100 रुपये लेता था। आरोपी के खिलाफ सिविल सर्जन की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया। मौके से इंजेक्शन, दवाएं व ओपीडी रजिस्टर बरामद किया गया है। आरोपी ने बताया वह पिछले छह साल से क्लीनिक चला रहा था। पूछताछ के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।