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डिलीवरी तारीख से पहले ही अस्पताल पहुंच रहीं प्रसूता

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एनएचएम हड़ताल: डिलीवरी तारीख से पहले ही अस्पताल पहुंच रहीं प्रसूता
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फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (एनएचएम) कर्मियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। हड़ताल के कारण सबसे अधिक एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला है। शुक्रवार से स्वास्थ्य सेवा संतुलन के लिए दो जच्चा-बच्चा केंद्र खोले गए और प्रतिनियुक्ति पर स्वास्थ्य सेवा अधिकारी व एएनएम की तैनाती की गई। हालांकि, प्रसुताओं को इससे कोई राहत नहीं मिल रही है। शिशु सुरक्षा के लिए कई प्रसुताएं निजी वाहन का प्रयोग कर डिलीवरी की तय तारीख से पहले ही सिविल अस्पताल पहुंच रही हैं।
सेक्टर-23 से निवासी बिंदू देवी का कहना है कि उनकी बहू रितिका को डिलीवरी के लिए 15 फरवरी की तारीख बताई गई थी लेकिन सेक्टर-23 स्थित स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण वह दो दिन पहले 13 फरवरी को ही बहू को सिविल अस्पताल लेकर पहुंच गईं। साथ आई आशा कार्यकर्ता सुधा ने बताया कि परिवार बहू के पहले बच्चे के लिए काफी चिंतित था। सुधा ने बताया कि उन्होंने 108/102 और 1800180009 सभी नंबर पर संपर्क किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने लगातार सिविल अस्पताल के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने भी रितिका की हालत देखते हुए उसे डिलीवरी से दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कर लिया।
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इसी तरह पल्ला स्थित स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण नजमा खातून भी अपनी 20 वर्षीय बहू को लेकर दो दिन से सिविल अस्पताल में ही है। नजमा ने बताया कि वह बहू और बच्चे की सलामती चाहती हैं। पल्ला स्थित स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण वह चिंतित हो उठी। उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह कई गर्भवतियों के साथ हुई घटना सुनकर वह परेशान थीं। ऐसे में बिनी किसी देरी के बहू को निजी वाहन पर अस्पताल लेकर पहुंची। ऐसे में डॉक्टरों ने शुक्रवार को बहू को दाखिल कर लिया।

हेल्पलाइन पर जवाब मिलता है निजी एंबुलेंस ले जाओ
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली है कि सरकारी नंबर पर निजी एंबुलेंस हायर करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। एंबुलेंस के लिए जब अमर उजाला संवाददाता ने फोन लगाया तो सहायता केंद्र की ओर से बताया गया कि आप निजी एंबुलेंस को बुला लें। सहायता केंद्र से जानकारी मिली की शुक्रवार शाम तक केवल 4 लोगों ने ही फोन कर एंबुलेंस के लिए मदद मांगी। इसमें से किसी को भी सरकारी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकी।

हड़ताल पर है निलंबित स्वास्थ्य कर्मी
एनएचएम के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों का कहना है कि विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है, लेकिन विरोध से नहीं रोक सकते। एनएचएम के जिला प्रधान धरवेंदर सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने 678 में से कुल 591 की सेवाएं समाप्त की हैं। बाकी लोगों को यह कह दिया की वह हड़ताल पर नहीं है। जबकि एनएचएम यूनियन से केवल 13 लोग ही बागी हैं। उन्होंने कहा कि यह फूट डालो की राजनीति है। इसके लिए उन्होंने सभी कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार करने की बात प्रशासन स्तर से की है।

दो स्वास्थ्य केंद्रों पर की प्रतिनियुक्ति, स्थिती फिर भी खराब
स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ न होने के कारण यह केंद्र बीते दस दिनों से बंद पड़े थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने शुक्रवार से जिले के दो प्रमुख जच्चा-बच्चा केंद्रों पर प्रतिनियुक्ति कर स्टाफ तैनात किया है। सेक्टर-30 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू-1) व बल्लभगढ़ सेेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू-2) में दो डॉक्टर और एक एएनएम ने कार्यभार संभाला है। हालांकि स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए विभाग के पास एंबुलेस सेवा की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में विरले ही लोग इन केंद्रों पर पहुंच पा रहे हैं।
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बोले मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हड़ताल होगी बेअसर किए जा चुके हैं इंतजाम
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा ने बेअसर बताया है। उन्होंने कहा कि सोमवार से लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि 5 मेडिकल अफसरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शनिवार तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा एंबुलेंस के लिए आउटसोर्स यानी ठेकेदार के माध्यम से ड्राइवर भर्ती की जाएगी।
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