- अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने मंगलवार को कैद की सजा सुनाने के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। महिला को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के दोषी को मंगलवार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने 12 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। यह मामला चार वर्ष से अदालत में विचाराधीन था।
लीगल सेल के अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला निवासी एक परिवार पर्वतीय कॉलोनी में किराये पर रहता है। पति एक निजी कंपनी में मजदूरी करता है और पत्नी घर के काम संभालती थी। उसे 13 अगस्त 2020 को पता चला कि उसकी पत्नी घर से 50 हजार की नकदी और गहने लेकर कहीं चली गई है। उसने सारन थाने में केस दर्ज कराया। इस दौरान पता चला कि उनकी पत्नी को गांव के ही रहने वाले तुलसीराम और प्रदीप अपने साथ लेकर गए हैं। दोनों ने पत्नी को दिल्ली टीकरी बॉर्डर पर एक किराये के कमरे में ले जाकर 14 अगस्त को दुष्कर्म किया। छह सात दिन बाद दोनों उसे महिला के मायके ले गए और वहां पुलिस चौकी के पास छोड़ दिया। पुलिस ने महिला के मायके पक्ष को सूचना दी। मायके वाले पुलिस चौकी पहुंचकर महिला को अपने साथ ले गए। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने मंगलवार को तुलसीराम को 12 वर्ष की सजा सुनाई है, जबकि प्रदीप भगोड़ा घोषित हो चुका है।