18 सरकारी स्कूलों के बच्चों को करंट लगने का खतरा
शहर के इन स्कूलों की इमारत के ऊपर से गुजर रही हैं हाईटेंशन लाइन
बिजली निगम संसाधनों की कमी की वजह से नहीं हटा रहा तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के 18 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने का खतरा मंडरा रहा है। इन सरकारी स्कूलों की इमारत के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। शिक्षा विभाग और बिजली निगम की कार्यप्रणाली लाल फीताशाही वाली ही है। दोनों सरकारी विभागों के बीच पत्राचार तो अर्से से हो रहा है, लेकिन आज तक अमल नहीं हुआ। इन असुरक्षित स्कूलों की जानकारी आरटीआई से हुई है।
सामाजिक संस्था ‘एक संघर्ष’ के पदाधिकारी अजय बहल ने एक साल पहले बिजली निगम में आरटीआई लगाकर पूछा था कि शहर में कितने स्कूलों की इमारत के ऊपर से हाईटेेंशन तार गुजर रहे हैं। बिजली निगम में कई अपील के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील लगाई। आयोग ने बिजली निगम के मुख्यालय चंडीगढ़ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मुख्यालय से तलब किए जाने के बाद निगम ने अजय बहल को जवाब दिया।
जवाब में बताया गया कि जिले के 18 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनकी इमारत के ऊपर से हाइटेंशन तार गुजर रहे हैं। यह भी सूचित किया गया कि इन तारों को हटाने के लिए निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। दो स्कूलों की इमारत के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटाने के लिए निगम ने कार्ययोजना तो तैयार की थी, लेकिन संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं की गई।
डेढ़ हजार से अधिक बच्चों की जान खतरे में
आरटीआई कार्यकर्ता अजय बहल कहते हैं कि सरकारी स्कूलों की दशा-दिशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार हर साल नए नए दावे कर करती है, खुद मुख्यमंत्री सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों जैसा आधुनिक बनाने का दावा करते हैं लेकिन एक साल में इन सरकारी स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार नहीं हटवाए जा सके। इन 18 सरकारी स्कूलों में डेढ़ हजार से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। बिजली निगम की रिपोर्ट के मुताबिक यह हाईटेंशन तार इतने खतरनाक है कि कुछ मीटर दूरी से ही मनुष्य को चपेट में ले सकते हैं।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बिजली निगम स्कूल की छतों पर से हाईवोल्टेज तार गुजरने की बात को गंभीरता से नहीं ले रहा। विभाग द्वारा बिजली निगम को तार हटाने के लिए कई पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ से संसाधन नहीं उपलब्ध होने का जवाब दे दिया जाता है। जिन स्कूलों की छतों से हाईवोल्टेज तार गुजर रही है उनके स्कूल प्राचार्यों से कहा गया है कि बच्चों को छतों पर नहीं जाने दे।
स्कूली छतों पर से हाईवोल्टेज तार गुजरना काफी गंभीर बात है। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है इसको लेकर कई बार बिजली निगम को पत्र लिखा चुका है, लेकिन उनकी ओर से संसाधन नहीं होने की बात कही जाती है।
-सतेंद्र कौर, जिला शिक्षा अधिकारी
बिजली निगम ने एक साल बाद जानकारी उपलब्ध कराई है। पहले विभाग जानकारी देने से बचता रहा। अब राज्य सूचना आयुक्त से नोटिस मिलने के बाद विभाग ने जवाब दिया है।
-अजय बहल, आरटीआई याचिकाकर्ता
जिन स्कूलों की छतों से हाईवोल्टेज तार गुजर रहा है, उनको हटाने के लिए एसडीओ को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा गया है।
-पीके चौहान, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम