फल-सब्जियों के बाद अब मसालों में ‘तड़के’ के आसार
ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का दिखने लगा असर
पिछले दो दिन से मसालों व किराना सामान की आवक भी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की देशव्यापी हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। इससे जहां फल एवं सब्जियों की आवक पर आंशिक असर पड़ा है, वहीं पिछले दो दिन से मसालों व किराना सामान की आवक भी बंद हो गई है। इससे किराना कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही हड़ताल नहीं खुली, तो किराने के दामों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
फरीदाबाद समेत पूरे देश में ट्रांसपोर्टर अपनी मांगों को लेकर 20 जुलाई से हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांग डीजल के तेजी से बढ़ते दामों पर रोक लगाने और आठ रुपये सैस वसूलना बंद करने की है। इस हड़ताल में फरीदाबाद के छोटे बड़े करीब 700 ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। गत 24 जुलाई से हड़ताल में फल-सब्जी सहित अन्य आवश्यक सामान की आपूर्ति करने वाले वाहन चालक भी इसमें शामिल हो गए थे।
एनआईटी-5 के किराना कारोबारी सुभाष अरोड़ा ने बताया कि दो दिन पहले तक तो दिल्ली से मसाले, दाल, चावल आदि किराना सामान की आवक ठीक-ठाक थी। मगर मंगलवार से ट्रांसपोर्टरों ने आपूर्ति ठप कर दी। इससे माल की कमी होने लगी है। सुभाष अरोड़ा के अनुसार, किराना कारोबारियों के पास अगले एक-दो दिन का स्टॉक होगा। इस दौरान यदि माल नहीं आया तो परेशानी होने लगेगी। इसके चलते मसालों सहित किराना के सामान के दाम बढ़ने के आसार हैं।
वहीं एनआईटी-1 नंबर मार्केट के किराना कारोबारी अजय भाटिया ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर अब धीरे-धीरे दिखने लगा है। मार्केट में स्टॉक खत्म हो रहा है। यदि सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ और हड़ताल लंबी खिंच गई तो परेशानी होगी।
सरकार के साथ चल रही बातचीत
फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन की केंद्रीय कोर कमेटी की बातचीत सरकार के साथ चल रही है। बृहस्पतिवार को एसोसिएशन की दिल्ली में बैठक है, जिसमें सरकार के साथ वार्ता के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही समझौता हो जाएगा और हड़ताल समाप्त हो सकती है।