फरीदाबाद। साल 2015 में हुए सुनपेड़ अग्निकांड में आरोपी बनाए गए 11 लोग सोमवार को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत से बरी हो गए। केस से बरी होने के बाद सभी ने इसे सच्चाई की जीत बताया है। एफआईआर के मुताबिक 20 अक्तूबर 2015 को देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने सुनपेड़ निवासी जितेंद्र के घर में खिड़की से ज्वलनशील डालकर आग लगा दी थी।
इस अग्निकांड में जितेंद्र की पत्नी रेखा (28) गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि उसके ढाई साल बेटे वैभव और 11 महीने की बेटी दिव्या की मौत हो गई थी। इस मामले में एक नाबालिग सहित ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें बलवंत सिंह, अधिवक्ता एदल सिंह रावत, धर्म सिंह, देशराज, जगत सिंह, नौनिहाल, संजय सिंह, करतार सिंह, जोगिंदर, अमन और आकाश का नाम शामिल था। सीबीआई ने करीब चार साल की जांच के बाद 5 जनवरी 2019 को क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। सोमवार को सीबीआई की अदालत ने सभी को बरी कर दिया।