अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तीन दिन की लगातार बारिश ने एक बार फिर जिले के विकास मॉडल की परतें खोल दी हैं। 100 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स सरकार के खजाने में पहुंचाने के बाद भी शहर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिल सकी। जिले का प्रतिनिधित्व तीन मंत्री कर रहे हैं, लेकिन हर मानसून में सड़कें तालाब बन जाती हैं और दर्जनों कॉलोनियां पानी में डूब जाती हैं। शुक्रवार सुबह से शाम तक हुई भारी बारिश के बाद शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर जलभराव, घंटों जाम और बंद पड़े वाहनों का नजारा दिखा। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई जल निकासी योजनाएं तेज बारिश में बेअसर साबित हुईं। जिससे लोगों को घर से निकलने तक में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो दर्जन से अधिक इलाकों में हुआ जलभराव
शहर को जलभराव से मुक्त करने के दावे करने वाले नगर निगम के मुख्यालय के बाहर की सड़क ही तालाब में तब्दील हो गई। हालत यह रहे कि निगम कार्यालय और जिला नागरिक अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों, तीमारदारों और आम लोगों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा। वहीं, बारिश के कारण बीके चौक, डबुआ कॉलोनी, प्याली चौक, 60 फीट रोड, नीलम-बाटा रोड, सेक्टर-23, संजय कॉलोनी, बल्लभगढ़ सब्जी मंडी, सेहतपुर, सूर्या विहार और अन्य निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इसके साथ ही शहर के पाश इलाकों में भी जलभराव देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे वाहन बंद हो गए और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। जाजरू रेलवे अंडरपास में पानी भरने से आसपास के गांवों का संपर्क भी प्रभावित रहा। बारिश ने निगम की तैयारियों और मानसून प्रबंधन की पोल खोल दी।
गौरव अंतिल ने किया निरीक्षण
बारिश के बीच नगर निगम की टीमें पंप लगाकर पानी निकासी में जुटी रहीं। एडिशनल नगर निगम आयुक्त गौरव अंतिल ने विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निकासी कार्य तेज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में देर शाम तक लोगों को जलभराव और यातायात बाधित होने की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थायी जल निकासी व्यवस्था अब तक नहीं बन सकी है।
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फरीदाबाद बना सिटी ऑफ तालाब
लगातार बारिश से शहर में हुए जलभराव और बदहाल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कहा कि मानसून की पहली ही तेज बारिश ने भाजपा के विकास मॉडल की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें धंस गईं, जबकि पॉश सेक्टरों से लेकर कॉलोनियां और स्लम क्षेत्र तक पानी में डूब गए हैं। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद की स्मार्ट सिटी अब सिटी ऑफ तालाब बन गई है।
तिगांव में हुई सबसे अधिक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार तिगांव में 113 मिमी, फरीदाबाद में 103 मिमी, बड़खल में 84 मिमी, धौज में 63 मिमी, गौंछी में 55 मिमी, बल्लभगढ़ में 48 मिमी, दयालपुर में 41 मिमी और मोहना में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश तिगांव क्षेत्र में होने से आसपास के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही।