किशोरी का मुंह बोला मामा है दोषी, बच्ची को घर में अकेला देख दिया था वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। किशोरी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के पांच वर्ष पुराने मामले में दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की कोर्ट ने 10 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी किशोरी का मुंह बोला मामा था।
एक व्यक्ति ने 13 अगस्त 2019 को आदर्श नगर बल्लभगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें उन्होंने बताया कि आरोपी दूर की रिश्तेदारी में साला लगता है। उसका घर पर आना-जाना रहता था। उनकी बेटी उसे मामा कहती थी। 11 अगस्त को उसने बेटी को घर में अकेला देख दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर धमकी दी। इसके बाद बेटी गर्भवती हो गई तो वह 17 अप्रैल 2020 को उसे लेकर पंजाब के संगरूर चला गया। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने बेटी को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया और आरोपी को पकड़ लिया। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। अब अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।
दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की सजा
महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने दोषी को 10 साल की सजा और आरोपी पर 71 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। महिला ने 26 जनवरी 2023 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि राजू नाम के व्यक्ति ने 24 जनवरी को उनके घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। अगले दिन फिर वह उसे घूमने के लिए ले जाने लगा। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो मारपीट शुरू कर दी। तेजाब फेंकने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।