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बुजुर्ग की अश्लील वीडियो बनाकर 1.68 लाख ठगे, प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

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1.68 lakh cheated by making obscene video of elderly, no hearing even after complaint on Prime Minister's portal
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फरीदाबाद। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए उन्हें बदनाम करने का धंधा सबसे ज्यादा चला रखा है। आरोपी पहले फेसबुक या अन्य सोशल साइट पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं। उसके बाद वीडियो कॉल से उनकी अश्लील वीडियो बनाते हैं। हाल ही में एक मामला दर्ज हुआ है। जिसमें आरोपियों ने सेक्टर-14 निवासी एक बुजुर्ग से 1.68 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बताया कि वह बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी है। 14 अक्तूबर 2020 को उनके पास एक कॉल आया। फोन करने वाले ने सीधा उन्हें गाली देना शुरू कर दिया। आरोपी ने कहा कि तूने जो कर्म किये हैं उसकी सजा तीन साल कैद और पांच साल जुर्माना है।
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पांच मिनट में तुम्हारे घर पुलिस भेज रहा हूं। तुम्हारा जुलूस सेक्टर से निकालूंगा। इसमें पूरे परिवार को शामिल किया जाएगा। ये सब सुनकर बुजुर्ग घबरा गया और माफी मांगते हुए अपना अपराध पूछा। फोन करने वाले ने कहा कि तुमने एक लड़की से छेड़खानी करते हुए वीडियो कॉल पर अश्लील हरकत की है। इसका वीडियो भी है। आरोपी ने कहा की उसे डिलीट करवाना है तो पांच मिनट में दस हजार रुपये खाते में भेजो। बुजुर्ग काफी घबरा गया और पैसे ट्रांसफर कर दिए। आरोपी बार बार गलियां और धमकी देता रहा और पैसे ऐंठता रहा। आरोपी ने कहा कि मामला पुलिस के पास चला गया है। इसके बाद बुजुर्ग के पास असम के नंबर से एक फोन आया और कहा कि वह केस को निपटा देगा। इसकी एवज में उसने भी पैसे लेने शुरू कर दिए। इसके बावजूद आरोपी ने कोई रिपोर्ट नहीं भेजी। परेशान होकर बुजुर्ग ने इसकी ऑनलाइन शिकायत प्रधानमंत्री पोर्टल पर कर दी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परेशान होकर बुजुर्ग ने साइबर थाना पुलिस के पास शिकायत की और बताया कि वे देखने में अक्षम हैं। उन्हें ठीक से कुछ दिखाई नहीं देता। ऐसे में वे वीडियो कॉल करके कैसे किसी के साथ अश्लील हरकत कर सकते हैं। कई दिनों की प्रारंभिक जांच के बाद शनिवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
आरोपी ऐसे फंसाते हैं जाल में
साइबर ठग सबसे पहले लोगों के फेसबुक और अन्य सोशल प्रोफाइल को खंगालते हैं। इसके बाद किसी लड़की का फर्जी अकाउंट बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। कुछ दिनों तक बातों में उलझाने के बाद आरोपी वीडियो कॉल कर बात करने के लिए कहते हैं। जैसे ही वीडियो कॉल शुरू होती है सामने एक युवती (बिना कपड़ों के) खड़े होकर अश्लील हरकतें कर रही होती है। जब तक लोग कुछ समझ पते हैं उनकी रिकार्डिंग हो जाती है। युवक का चेहरा भी ठगों के पास रिकार्ड होता रहता है। इसके बाद वीडियो दिखाकर डराया जाता है। असल में सामने कोई युवती होती ही नहीं है। आरोपी पहले से रिकार्ड वीडियो को चलाते हैं और ब्लैकमेल किया जाता है।
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