कन्या भ्रूण हत्या को लेकर बदनाम हरियाणा प्रदेश की छवि बदल रही है। इस छवि को बदलने का कारण लोगों में बेटियों के प्रति जागरूकता पैदा होना है। जिले के दो गांव बढ़ौली और शाहजहांपुर इसकी सबसे बड़ी मिशाल है।
यहां बेटियों के जन्म होने पर अफसोस नहीं बल्कि खुशी मनाई जाती है। ऐसा पहली बार है जब लगातार दो साल में जिले के दो-दो अलग गांवों ने लिंग अनुपात बेहतर होने में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई हो। वर्ष 2013 में बीजोपुर और फतेहपुर तंगा ने लिंग अनुपात बेहतरी में सामने आए थे।
खास बात यह है कि जिला फरीदाबाद में जहां 75 प्रतिशत क्षेत्र शहरी और मात्र 25 प्रतिशत क्षेत्र ग्रामीण है। ऐसे में यह उम्मीद की जाती है कि शहरी क्षेत्र बेटियों के जन्म को लेकर अधिक सर्तक एवं संवदेनशील होंगे। लेकिन जिले में इससे ठीक उल्टा हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में लिंग अनुपात 1000:885 है।
जबकि गांवों में प्रत्येक वर्ष 5 से 10 प्रतिशत लिंग अनुपात में वृद्धि हो रही है। दोनों गांव को स्वास्थ्य विभाग प्रोत्साहन राशि देगा, विभाग ने बढ़ौली गांव के लिए एक लाख रुपये जबकि शाहजहांपुर गांव के लिए 25 हजार रुपये का बजट पास किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह राशि उन लड़कियों में वितरित होगी जिन्होंने दसवीं की परीक्षा दी है और जो टॉप तीन में आई है। प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली लड़की को मिलेगा, जबकि प्रोत्साहन राशि का 30 और 20 प्रतिशत दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली को दिया जाएगा।
बढ़ौली गांव बना अव्वल
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे अनुसार गांव में 1000 लड़कों के पीछे 1375 लड़कियां है। इसके अलावा अप्रैल 2013 से लेकर मार्च 2014 तक 22 लड़कियों और 16 लड़को का जन्म हुआ है। इसी आधार पर यह गांव जिले में लिंग अनुपात में अव्वल आया है।
दूसरे पायदान पर रहा गांव शाहजहांपुर
कोराली ब्लॉक स्थित शाहजहांपुर गांव में जहां साल में 17 लड़कों और 20 लड़कियों का जन्म हुआ। वहीं इस गांव में भी लिंग अनुपात 1000:1176 है। यानी 1000 लड़को के पीछे 1176 अधिक लड़कियां है।