आरोपी(लाल-सफेद टीशर्ट में) को हिरासत में ले जाती पुलिस
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दिल्ली से सटे फरीदाबाद के डीसीपी आईपीएस विक्रम कपूर की आत्महत्या के मामले में चार दिन की रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को आरोपी इंस्पेक्टर अब्दुल को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि 14 अगस्त को फरीदाबाद के डीसीपी विक्रम कपूर ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआत में यह पता नहीं चल रहा था कि उन्होंने ऐसा बड़ा कदम क्यों उठाया, लेकिन सुसाइड नोट ने केस में बड़ा खुलासा किया। सुसाइड नोट में उन्होंने मौत के पीछे अपने ही किसी करीबी को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद से ही पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी।
सुसाइड नोट में उन्होंने अपने ही विभाग के एक इंस्पेक्टर और एक अन्य शख्स पर आरोप लगाया था। डीसीपी कपूर ने अपने सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था, साथ ही उन्होंने एक अन्य शख्स को भी अपनी मौत का जिम्मेदार बताते हुए दोनों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद से ही पुलिस ने इंस्पेक्टर शहीद व अन्य शख्स के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।