शाहबेरी की निर्माणाधीन इमारत में रहकर पीओपी का काम करने वाला असलम बाल-बाल बच गया। गर्मी लगने पर मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे वह पंखा खरीदने भंगेल चला गया था। असलम पंखा खरीदकर रात में भंगेल में ही अपने रिश्तेदार के यहां रुक गया।
उसके जाने के कुछ देर बाद ही इमारत ढह गई थी। जिसकी चपेट में उसका ममेरा भाई मुजाहिद भी आ गया। इमारत गिरने की खबर उसे सुबह अखबार से मिली। जिसे पढ़कर वह भागकर शाहबेरी आ गया। अभी तक मुजाहिद का कुछ पता नहीं चला है।
मूलरूप से पूर्णिया, बिहार निवासी मोहम्मद असलम अपने मामा के बेटे मुजाहिद के साथ निर्माणाधीन इमारत में पीओपी लगाने का कार्य कर रहा था। वह उसी इमारत में मुजाहिद समेत चार अन्य साथ रहता था। गर्मी और उमस के चलते मंगलवार शाम को असलम ने मुजाहिद से कहा था कि उसे पंखे की जरूरत है।
उसने बताया कि उसका रिश्तेदार भंगेल में रहता है। वहां जाकर पंखा खरीदेगा और रिश्तेदार के यहां रुककर बुधवार सुबह लौट आएगा। इतना कहकर वह देर शाम करीब 7 बजे इमारत से निकल गया। जब वह जा रहा था तो मुजाहिद कपड़े धो रहा था। उसके जाने के कुछ देर बाद इमारत जमींदोज हो गई।
हालांकि, उसे इमारत गिरने की बात सुबह अखबार पढ़ने के बाद पता चली। जिसके बाद वह वापस लौट आया। इधर अभी तक मुजाहिद का कुछ पता नहीं चल पाया है।