सिविल अस्पताल में शनिवार सुबह प्रथम तल पर बने गायनी वार्ड की छत का प्लास्टर गिरने से 12 घंटे के नवजात और उसकी मां को चोट लग गई। प्लास्टर गिरने की घटना के बाद गायनी वार्ड के सभी मरीज डरे हुए हैं और वहां से मरीज शिफ्ट होना चाहते हैं। बता दें कि 11 अप्रैल को भी इमरजेंसी वार्ड का प्लास्टर गिरने से चार लोग घायल हो गए थे।
शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे गायनी वार्ड में छत से प्लास्टर का एक थोड़ा सा हिस्सा बेड नंबर-24 पर गिरा। सेक्टर-30 निवासी मोनी को डिलीवरी के बाद इसी बेड पर शिफ्ट किया गया था। मोनी शुक्रवार देर शाम अस्पताल में भर्ती हुई थी। रात करीब 10:00 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया।
सुबह से ही परिजनों का आना-जाना अस्पताल में लगा हुआ था। बताया गया है कि मोनी ने नवजात को अपने पास लिटा रखा था कि अचानक छत का प्लास्टर उसके बेड पर गिरा, जो उसके कंधे व बच्ची के मुंह पर लगा। इससे मोनी चीख उठी। परिजनों ने तुरंत ही मां-बेटी को वहां से हटा लिया।
घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी गई। इसके बाद प्रबंधन से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। हादसे में मां-बेटी को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में ही उपचार दिया जा रहा है।
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. कांता गोयल का कहना है कि मां-बच्चे दोनों खतरे से बाहर है। अस्पताल की मरम्मत को लेकर निगम से बात चल रही है। पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। आईआईटी इंजीनियर द्वारा सर्वे कराकर जल्द ही इस इमारत की मरम्मत कराई जाएगी।