फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

9 केस: ब्लैकमेलिंग के लिए हुआ 'रेप' का इस्तेमाल

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी में विवाह का झांसा या जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आधार पर लगाए जाने वाले रेप के मामलों की बाढ़ आ गई है। इस कानून का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।
विज्ञापन


हालांकि अदालत में केस पहुंचते ही ऐसे मामलों का पर्दाफाश हो जाता है जब पता चलता है रेप का मामला ब्लैकमेल, कर्ज न चुकाने या फिर परिवार के दबाव में दर्ज कराया जाता है।

रेप व छेड़छाड़ के मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसलों में यह तथ्य सामने आए हैं। द्वारका स्थित विशेष न्यायाधीश ने सितंबर में नौ मामलों में फैसला सुनाया। सभी फर्जी पाए गए।
विज्ञापन

पत‌ि के छोड़ने के डर से दर्ज कराया केस

फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विरेंद्र भट्ट ने एक मामले में तो अदालत में फर्जी गवाही देने वाली पीड़िता, उसके पति व ससुर के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी निर्देश दे दिया लेकिन बाद में उनके वैवाहिक संबंध न बिगड़े इस कारण अपना फैसला वापस ले लिया।

कापसहेड़ा थाने में दर्ज मामले में नारायण केसरी को आरोपी बनाया गया। पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसे गुड़गांव में नौकरी दिलवाई और 1 मई को घर में अकेली देख दुष्कर्म किया।

अदालत में जाते ही पीड़िता ने कहा कि रेप हुआ ही नहीं बल्कि पति के कहने पर केस दर्ज करवाया क्योंकि डर था कि पति उसे छोड़ देगा।

शादी करने से मुकरा तो लगाया आरोप

नजफगढ़ थाने में दर्ज मामले में पीड़िता ने शाहदरा निवासी भूपिंद्र के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया। युवती ने कहा कि आरोपी से अपने मौसा के घर मई 2011 में मिली और जुलाई 2011 में उसी के घर में बेहोश कर रेप किया।

हालांकि युवती ने बाद में कहा कि विवाह करेगा लेकिन मुकर गया। अदालत ने कहा कि युवती का कहना है दोनों ने कोल्ड ड्रिंक पी थी तो फिर अकेली लड़की बेहोश हुई आरोपी क्यों नहीं।

इसके अलावा दोनों के बीच मई 2012 से बात बंद तो फिर शिकायत 30 दिसंबर 2013 को क्यों दी गई। इसके अलावा मां ने माना कि एक कमरे के मकान में कई बार आरोपी रात को उनके साथ रुका लेकिन कभी गलत नहीं किया।

माता प‌िता के कहने पर लगाया रेप का आरोप

द‌िल्ली के थाना छाबला में दर्ज मामले में महबूब व फिरोज खान को आरोपी बनाया गया। 18 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया कि महबूब ने 11 अप्रैल 2014 में उसे बंधक बनाकर गई दिन तक रेप किया।

सुनवाई के दौरान पीड़िता अदालत में बयानों से मुकर गई। पीड़िता ने कहा कि वह महबूब से प्यार करती थी और माता-पिता ने अजमेर में किसी अन्य से विवाह कर दिया जिसे वह पसंद नहीं करती थी। आखिर भाग कर महबूब के पास आ गई, झगड़े के कारण माता-पिता के कहने पर महबूब के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया।

कर्ज वापस मांगने पर दर्ज कराया केस

द्वारका थाने में दर्ज मामले में आशीष को रेप के मामले में आरोपी बनाया गया। पीड़िता ने कहा 3 अप्रैल 2013 को घर में अकेली देख रेप किया। अदालत ने पाया कि पीड़िता व उसके पति ने 44,500 रुपये का कर्ज लिया था और वापस मांगने पर रेप का मामला दर्ज करवा दिया।

जाफर कलां थाने में दर्ज शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि 10 फरवरी 2011 को आरोपी उसे जबरन अपने घर ले गया व रेप किया। थाने में कहा कि वह पति को पसंद नहीं करती थी और स्वयं आरोपी के घर गई थी।

जुलाई माह में अदालत में केस दाखिल कर दिया कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। मामला दर्ज हुआ तो अदालत में सच्चाई सामने आई कि दोनों के अवैध संबंध थे और पति ने तलाक का केस दायर किया तो मुकदमा दर्ज करवा दिया।

संप‌त‌ि व‌िवाद में जेठ को बनाया आरोपी

नजफगढ़ निवासी युवती ने 28 सितंबर 2013 को मामला दर्ज करवाया कि वह बीकॉम में पढ़ती है और डेढ़ वर्ष पहले आरोपी जीतू से दोस्ती हुई। एक दिन उत्तम नगर घर में ले गया व विवाह का वायदा कर जबरन रेप किया।

अदालत में बयानों से मुकर गई और कहा दोनों के बीच जो भी संबंध बने इच्छा से बने। उसे शक हुआ कि विवाह नहीं करेगा इसी कारण मुकदमा दर्ज करा दिया।

नजफगढ़ में महिला ने जेठ पर 14 अक्तूबर 2013 को रेप का आरोप लगाया। अदालत में साबित हुआ कि संपत्ति विवाद में रेप का मामला दर्ज कराया गया था। जबकि दोनों के अवैध संबंध थे।
विज्ञापन

आपसी रजामंदी से संबंध बनाकर लगाया रेप का आरोप

नजफगढ़ निवासी युवती ने 14 सितंबर 13 को शिकायत दर्ज कराई कि उत्तम नगर निवासी आरोपी दीपक ने उसे घर बुलाकर जबरन रेप किया। बाद में विवाह का वायदा किया लेकिन मुकर गया। अदालत ने पाया कि दोनों के बीच संबंध आपसी रजामंदी से बने थे।

द्वारका थाने में अगस्त 2013 को पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने घर में आकर कोल्ड ड्रिंक पिला रेप किया। अदालत ने पाया कि पीड़िता व उसके पति ने आरोपी से कर्ज लिया था और वापस नहीं किया। बाद में और कर्ज देने से मना करने पर आरोपी को रेप के मामले में फंसा दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें