विवाह से छुटकारा पाने के लिए युवती ने अपने अपहरण, जबरन विवाह व रेप का मामला दर्ज करा दिया। एक वकील की राय से उसने पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। अदालत ने महिला को झूठा करार देते हुए तीन महिलाओं सहित सात आरोपियों को रिहा कर दिया।
द्वारका सहित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विरेंद्र भट्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा कि सभी गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते हैं कि युवती अपने पति से छुटकारा पाना चाहती थी।
उसने अपने विवाह को खत्म करने के लिए जबरन विवाह की फर्जी कहानी बनाई और मामला दर्ज करा दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा विवाह की पेश फोटो को देखने से ऐसा कहीं भी प्रतीत नहीं होता कि उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर विवाह करवाया गया था।