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Delhi NCR News: उत्तर भारत में फैला नकली दवाओं का जाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने छह राज्यों में गिरोह पर कसा शिकंजा

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दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार व हरियाणा तक फैली नकली दवा रैकेट की जड़ें
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अब तक 50 करोड़ से अधिक का सामान बरामद, ट्रामाडोल व अल्प्राजोलम की भारी खेप जब्त
शुजात आलम
नई दिल्ली।
नकली दवाओं का अवैध कारोबार उत्तर भारत में तेजी से पैर पसार चुका है। पिछले पांच महीनों में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने छह राज्यों में इस गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली से लेकर यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार और हरियाणा तक नकली दवाएं बनाने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नशीली और साइकोट्रोपिक दवाओं का जखीरा बरामद किया है।
दिल्ली के भागीरथ पैलेस में दवा पहुंचते ही यहां के डिस्ट्रीब्यूटर उसे देशभर में सप्लाई कर देते हैं। इस अवैध धंधे में दवाओं की गुणवत्ता, रसायनों की मात्रा और आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की कोई परवाह नहीं की जाती। पिछले साल मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के लिए कथित रूप से नकली कफ सिरप को जिम्मेदार माना गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अधिक पैसा कमाने के लालच में साइकोट्रोपिक दवाएं तैयार कर उन्हें बिना डॉक्टर के पर्चे के ऊंचे दामों पर बेचते थे। कई लोग इन दवाओं का इस्तेमाल मादक पदार्थों के विकल्प के तौर पर करते हैं। पटना स्थित तनिष्क की फैक्टरी से हजारों कफ सिरप की बोतलें और हजारों लीटर रसायन बरामद किए गए हैं।
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सितंबर से अबतक कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सितंबर 2025 में मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली के जैतपुर इलाके में छापेमारी कर आरोपी अनिरुद्ध राय को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब दो करोड़ रुपये कीमत का ट्रामाडोल पाउडर बरामद हुआ। पूछताछ के आधार पर तीन महीने बाद भिवानी से मनोज कुमार राय को पकड़ा गया, जिसके पास से 5 किलोग्राम ट्रामाडोल पाउडर मिला। इसके बाद लगातार छापेमारी करते हुए किशन पाल उर्फ भुल्लर को दिल्ली के ज्योति नगर से गिरफ्तार किया गया। वहीं कृष्ण तंवर और मनोज कुमार को चांदनी चौक से पकड़ा गया। इनके पास से एक ईको कार और रसायन बरामद हुए। आरोपियों की निशानदेही पर हिमाचल प्रदेश के बद्दी से प्रशांत और अमित को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नकली दवा बनाने की एक बड़ी फैक्टरी पटना में संचालित हो रही थी। 9 फरवरी को तनिष्क और 13 फरवरी को अरुण को गिरफ्तार किया गया।
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50 करोड़ से अधिक का सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस गिरोह से 50 करोड़ रुपये से अधिक का सामान बरामद किया जा चुका है। इसमें 13 किलोग्राम ट्रामाडोल पाउडर, 500 किलोग्राम अल्प्राजोलम समेत अन्य नकली दवाएं और रसायन शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
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