ग्रेटर नोएडा में जिला पंचायत राज विभाग में शौचालयों के फर्जी आंकड़ों का खेल सामने आया है। यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज के अंतर्गत चल रहे सर्वे में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के निर्देश पर ग्राम प्रधान सचिवों ने घरों में बैठकर ही शौचालयों के आंकड़े तैयार कर लिए।
सीडीओ ने मौके की वास्तविक स्थिति की जांच की तो हालात कुछ और नजर आए। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद सीडीओ ने संबंधित कर्मियों से जवाब तलब किया है और दोबारा रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ ने कहा कि मामले में जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पंचायत राज विभाग के आंकड़ों में जिला ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। जिले में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत 16870 शौचालय बनाए जा चुके हैं। अब केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें उन लोगों की तलाश की जा रही है, जो किसी कारणवश शौचालय विहीन हैं।
मामले में डीपीआरओ ने जिले के सभी 88 गांवों में सर्वे कर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे। दादरी, बिसरख, दनकौर, जेवर आदि क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर सीडीओ अनिल कुमार सिंह के समक्ष रख दी गई। प्रारंभिक दृष्टया रिपोर्ट देखकर सीडीओ संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने जांच कराई तो आंकड़ों के उलट स्थिति मिली, जहां गरीब लोगों को शौचालयों की जरूरत थी। वहां रिपोर्ट में जरूरत नहीं होने की बात लिखी थी। बताया गया है कि सचिवों ने कुछ प्रधान और परिचितों के घरों में बैठकर ही फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी।