दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी कॉलसेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव साबोली, दिल्ली निवासी संजय पांचाल, मानसरोवर पार्क, शाहदरा निवासी निखिल सोनी और अशोक नगर निवासी कुणाल के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। आरोपी लकी ड्रॉ के नाम पर सस्ते में मोबाइल देने की बात करते थे, जबकि पार्सल में दूसरी चीजें भेज देते थे। आरोपी 4500 लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। अपराध शाखा अधिकारियों की माने तो पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन के अनुसार, इंस्पेक्टर विकास राणा की टीम को 22 दिसंबर को सूचना मिली थी कि पूर्वी दिल्ली में कुछ लोग फर्जी कॉलसेंटर चला रहे हैं। कॉल सेंटर चलाने वाले आरोपी लकी ड्रॉ के नाम पर महंगे मोबाइल को सस्ते में देने का झांसा देते थे। ये पार्सल को खाली या फिर उसमें मोबाइल की जगह कुछ और सामान रखकर भेजते थे। पार्सल डाक के जरिये भेजते थे। इससे लोगों को विश्वास हो जाता था कि उनके साथ ठगी नहीं हो रही है। इस तरह की ठगी का शिकार हुए शेख असद ने अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी।
एसीपी पंकज सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विकास राणा की टीम ने 7 जनवरी को पश्चिमी ज्योति नगर, शाहदरा में चले रह कॉलसेंटर में दबिश दी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कॉल सेंटर से 30 मोबाइल, कंप्यूटर व अन्य सामान बरामद किया गया। आरोपियों के कंप्यूटर से जो डाटा मिला है, उसे पता लगा है कि आरोपी 4500 लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। डीयू से ग्रेजुएशन कर चुका संजय एक वर्ष से कॉल सेंटर के जरिये ठगी करने में लगा हुआ था। निखिल व कुणाल दोनों छह महीने से ठगी करने में लगे हुए हैं।