इसके बाद करीब डेढ़ माह पहले उसने नोएडा के सेक्टर-59 में किराये पर बिल्डिंग लेकर अपना फर्जी कॉल सेंटर खोल लिया। मामले में पुलिस को अभी भी इनके कॉल सेंटर का सेटअप तैयार करने वाले तकनीक विशेषज्ञ शंभू, आरोपियों को अमेरिका के नागरिकों का डाटा उपलब्ध कराने वाले और हवाला के जरिये इन लोगों को विदेशी मुद्रा का भुगतान भारतीय मुद्रा में करने वाले राजस्थान निवासी विनय की पुलिस को तलाश है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर में कंप्यूटर पर मेसेज टाइप कर उसे अमेरिका में बोली जाने वाली अंग्रेजी में वाइस मेसेज के तौर पर कनवर्ट कर लेते थे। इसके बाद ये लोग मेसेज को अमेरिका के नागरिकों के लैंडलाइन व मोबाइल फोन पर भेजते थे और लोन दिलाने का झांसा देते थे।
मैसेज में एक टोल फ्री नंबर भी दिया जाता था, इस पर फोन मिलाने पर यह कॉल भारत के इस फर्जी कॉल सेंटर के लैंडलाइन पर आती थी। खास बात ये है कि अमेरिका के नागरिकों को पता नहीं चलता था कि उनके पास भारत से मेसेज आया है या फोन पर उनकी बात भारत में हो रही है।
मैसेज और कॉलिंग में उन्हें अमेरिका का ही नंबर दिखता था। इसके लिए आरोपी एक खास मशीन का इस्तेमाल करते थे जो इंटरनेट से चलती है। ये मशीन और कॉल सेंटर का सेटअप तकनीक विशेष शंभू ने तैयार किया था, जो फरार है। झांसे में आने के बाद आरोपी लोन प्रक्रिया शुरू करने से पहले फाइल चार्ज के तौर पर 100-200 डॉलर वसूलते थे। फाइल चार्ज लेने के बाद संबंधित नागरिक से संपर्क तोड़ दिया जाता था।