- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई, कई अन्य लोगों के शामिल होने का भी है शक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोलबाग इलाके में नकली ऑटोमोबाइल पार्ट्स की सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सरगना पोला राम और सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके ठिकानों से करीब 90 लाख रुपये के नकली स्पेयर पार्ट्स, पैकेजिंग मेटीरियल और ब्रांडिंग उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्थानीय स्तर पर सस्ते ऑटो पार्ट्स खरीदकर उन्हें नामी कंपनियों, खासकर होंडा के फर्जी लेबल और पैकेजिंग के साथ बाजार में बेच रहे थे। आरोपी पार्ट्स पर होलोग्राम, बारकोड और ब्रांडिंग स्टिकर लगाकर इन्हें असली जैसा दिखाते थे। नकली सामान डीलरों, थोक विक्रेताओं और मरम्मत की दुकानों तक पहुंचाया जाता था। कुछ पार्ट्स ऑनलाइन भी बेचे जा रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी पोला राम पहले बंगलूरू में ऑटोमोबाइल की दुकान पर काम करता था। 2015 में दिल्ली आकर सप्लाई का काम शुरू किया। दो साल पहले बवाना में फैक्टरी लेकर नकली पार्ट्स बनाने लगा। वहीं दूसरा आरोपी सुरेश कुमार रामदेव मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंधक था। वह माल की खरीद-बिक्री संभालता था और नकली पार्ट्स को होंडा जेन्युइन लेबल के तहत बेचता था। दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में नकली पार्ट्स का कारोबार कर रहे थे।
जब्त किए गए नकली सामान में ब्रेक शू, क्लच प्लेट, एयर फिल्टर, मफलर प्रोटेक्टर और अन्य जरूरी पुर्जे शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नकली पार्ट्स न केवल गाड़ियों की कार्यक्षमता पर असर डालते हैं बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ब्रेक और क्लच जैसे महत्वपूर्ण पार्ट्स में नकली उत्पादों का इस्तेमाल हादसों की वजह बन सकता है।
इस अवैध कारोबार से प्रतिष्ठित कंपनियों को करोड़ों का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने इनके खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली माल किस नेटवर्क के जरिए दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों तक पहुंचता था।