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चल रही हैं अतिरिक्त बसें, फिर ऐसे क्यों?

Wed, 22 Oct 2014 05:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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दीपावली पर राजधानी समेत एनसीआर से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों के लिए विभिन्न राज्य सरकारों ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था तो की लेकिन यात्री फिर भी परेशान रहे। सीट न मिलने पर लोग बस की छत पर बैठकर यात्रा की। यह नजारा मंगलवार को आईएसबीटी कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां का रहा।
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तीनों जगह मंगलवार सुबह 7 बजे से लॉग रूट की अतिरिक्त बसें खड़ी कर दी गई थीं। मुसाफिरों की भीड़ और रूट की मांग के आधार पर काउंटर पर टिकट काटकर उसे भेजा जा रहा था। यह व्यवस्था बुधवार देर रात तक जारी रहेगी। आईएसबीटी में यूपी की 250, उत्तराखंड की 200, हिमाचल की 250, हरियाणा की 1500 और पंजाब की 300 बस भी भीड़ के आगे नाकाफी सिद्ध रही।

बेशक रोडवेज परिवहन ने अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की है, लेकिन एक ही काउंटर पर दो से तीन राज्यों के रोडवेज बसों की टिकट कटने से यात्री दुविधा में भटकते रहे।
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बस अड्डे के अंदर जगह कम होने के से बस प्लेटफॉर्म से दूर खड़ी हो रही थी। कई बार यात्री सामान सहित बैठ जाते और बाद में उन्हें पता चलता कि वे गलत बस में बैठ गए हैं। इस चक्कर में कई यात्रियों की बस भी निकल गई।

रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, यदि आप हिमाचल या पंजाब जाना चाहते हैं और दिल्ली से बस नहीं मिल रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अंबाला और चंडीगढ़ बस अड्डे से भी बस बदल सकते हैं।

यहां से भी अलग से स्पेशल बसों की व्यवस्था की गई है। चंबा, शिमला, मनाली, सोलन, पालमपुर, हमीरपुर, बैजनाथ, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला इलाकों के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश रोडवेज स्पेशल बस सेवा मुहैया करवा रही है। अंबाला बस अड्डे से शिमला, सोलन, अमृतसर, पटियाला, जालंधर और लुधियाना के लिए बस लें, जबकि चंडीगढ़ से सभी स्थानों के लिए बस मिल जाएंगी।

परिवार के साथ ध्यान से निकलें
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी और राजस्थान की ओर जाने वाली सभी बसों की बुकिंग भर हो चुकी है और अतिरिक्त बसों की संख्या से अधिक हजारों की भीड़ है। ऐसे में परिवार संग यात्री परेशानी दे सकता है। परिवार के साथ ध्यान से निकलें।

ट्रेनों का भी यही हाल
त्योहार की भीड़ के सामने एक बार फिर रेलवे की तैयारी बौनी साबित होने लगी है। पूर्वांचल की तरफ जाने वाली रेलगाड़ियों में एक पर दो ट्रेन के यात्री सफर करने को मजबूर हैं। साधारण कोच की अगर बात करें तो एक कोच में चार कोच के यात्री सफर कर रहे हैं। हालांकि यात्रियों की सहूलियत के लिए उत्तर रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है।

हालात ऐसे हैं कि स्लीपर और साधारण कोच में यात्री शौचालय में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेन में नो रूम है, यानी वेटिंग टिकट तक उपलब्ध नहीं है।

पटना, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मुजफ्फरपुर, छपरा, सीवान, कोलकाता समेत पूर्वांचल के अन्य शहरों में जाने वाली पूर्वा, श्रमजीवी, वैशाली, विक्रमशिला, सदभावना, संपूर्ण क्रांति, सपंर्क क्रांति, वैशाली, सप्तक्रांति ऐसी ट्रेनें हैं, जिनमें चढ़ना ही बेहद मुश्किल है। ऐसे में अब तत्काल टिकट और प्रीमियम ट्रेन ही एक मात्र सहारा हैं।

प्लेटफॉर्म से ही जद्दोजहद
रेलवे ने भीड़ नियंत्रण के लिए भले ही तमाम तैयारी की हैं। लेकिन आलम यह है कि स्टेशन परिसर से प्लेटफॉर्म तक पहुंचना भी मुश्किल भरा साबित हो रहा है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर तो स्टेशन परिसर में ही प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए लाइन लग जा रही है। वहीं ट्रेन लिए तो पूछिए ही नहीं।

बैगेज स्कैनर से समस्या
मंगलवार को दोपहर के समय बैगेज स्कैनर खराब होने की वजह से स्टेशन पहुंचने वाले यात्री परेशान हुए। आधा घंटा से अधिक लाइन में लगने के बाद ही उनका सामान चेक हुआ और प्लेटफॉर्म तक पहुंचे।
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