यूनिसेफ व अमर उजाला फाउंडेशन के साझा आयोजन में टीकाकरण के लाभों के संबंध में क्रिटिकल अप्रेजल स्किल (कैस) विषय पर हुई साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य पत्रकारिता कार्यशाला में यूनिसेफ से जुड़े विशेषज्ञों ने बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों और उन्हें दूर करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तो अमर उजाला के पत्रकारों ने टीकाकरण से जुड़े अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, टीका बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए अनिवार्य है। बच्चों के टीकाकरण पर भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता जरूरी है और इस दिशा में पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। यूनिसेफ की टीम ने शून्य टीकाकरण वाले बच्चों की संख्या में कमी आने पर प्रसन्नता जताई।
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यूनिसेफ व अमर उजाला फाउंडेशन के साझा आयोजन में टीकाकरण के लाभों के संबंध में क्रिटिकल अप्रेजल स्किल (कैस) विषय पर हुई साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य पत्रकारिता कार्यशाला में यूनिसेफ से जुड़े विशेषज्ञों ने बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों और उन्हें दूर करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तो अमर उजाला के पत्रकारों ने टीकाकरण से जुड़े अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि टीका बच्चों को कई बीमारियों से बचाता है।
साथ ही, उन्हें कोई परेशानी भी नहीं होती है। विशेषज्ञों ने बच्चों में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए टीकाकरण पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। राजस्थान में यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल अग्रवाल ने विभिन्न टीकों का महत्व और उनकी समयावधि बताई। डॉ. अग्रवाल ने कहा, अब भी राजस्थान समेत देशभर में टीकाकरण से जुड़ी कई भ्रांतियां दूर करने की जरूरत है।
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यूनिसेफ की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. याशिका नेगी ने बताया कि पेंटावेलेंट (साथ लगने वाले पांच टीकों) से हेपेटाइटिस, बीसीजी, डिप्थीरिया टिटनेस सहित अन्य बीमारियां होने का खतरा नहीं रहता है। नेगी ने बताया कि देश में शून्य टीका वाले बच्चों की संख्या घट रही है। यूनिसेफ की संचार अफसर सोनिया सरकार ने टीकाकरण की खबर के िलए स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ वेबसाइट से जानकारी लेने और स्थानीय अधिकारियों से बात कर भ्रांतियां दूर करने का आग्रह किया। अमर उजाला फाउंडेशन से जुड़े संजय अभिज्ञान ने स्वास्थ्य पत्रकारिता कार्यशालाओं को ये भ्रांतियां दूर करने के लिए अहम बताया।
तथ्यों पर ज्यादा से ज्यादा हो जोर
फाउंडेशन के स्ट्रेटजिक कम्युनिकेशन कंसल्टेंट विक्रम मजूमदार ने टीकाकरण की खबरों में तथ्यों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। यूनिसेफ से जुड़े मीडिया कंसल्टेंट सुरेंद्र धलेटा ने बच्चों में टीकाकरण से जुड़ी खबरें लिखतेे समय की सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।