पुलिस ने इस बार प्रदर्शनकारियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डिटेंशन बसों का हुलिया पूरी तरह बदल दिया है। पुलिस ने पिछले बार के प्रदर्शनों से सीख लेते हुए यह बदलाव किया है। इन खास तरह की बसों को देखकर लोग कह रहे हैं कि ये साधारण बसें नहीं, बल्कि चलती-फिरती जेल जैसी लगती हैं।
अब डिटेंशन बसें सामान्य न होकर किसी जेल में अपडेट हो गई हैं। इन बसों के अंदर लोहे की मोटी सलाखें लगाई गई हैं। साथ ही, पूरी बस में जाली भी लगी हुई है। बसों की खिड़कियों पर भी जाली मौजूद है। अंदर छोटे-छोटे पिंजरे जैसे कम्पार्टमेंट बनाए गए हैं। पुलिस एक छोटे से हिस्से में 6 से 8 महिलाओं को रख रही है।
डिटेन हुए प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बसों के अंदर जगह बहुत कम थी। इस कारण लोग मुश्किल से बैठ पा रहे थे। रविवार को डिटेन हुए प्रदर्शनकारियों ने बसों के अंदर हुए बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बस के अंदर चार छोटे-छोटे सेल बनाए हुए थे। इन सेल में कुंडी भी लगी हुई थी। ड्राइवर सीट के ठीक पीछे एक शीशा लगा हुआ था।
पूरी बस जालीदार बनाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि बसों में क्षमता से ज्यादा लोग थे। अधिक भीड़ होने के कारण उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हुई। जगह की कमी के कारण वे ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे थे। यह अनुभव उनके लिए काफी असहज रहा।