आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी फ्लैट खाली न करने का मामला अभी थमा ही था कि अब 'आप' के ही एक और वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री को घर खाली करने का नोटिस भेजा गया है।
पीडब्ल्यूडी ने मंगलवार को दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को सरकारी आवास खाली कर करने के लिए नोटिस भेजा है।
दो कमरों का यह फ्लैट उन्हें दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के समय आवंटित किया गया था।
देना होगा इतना किराया
टीओआई के अनुसार, मनीष सिसोदिया सरकार के इस्तीफे के बाद फ्लैट में रहने के लिए दोबारा कोई अनुमति नहीं ली थी और न ही निर्धारित समय के बाद उसे खाली किया।
सिसोदिया को ये फ्लैट मयूर विहार फेज 2 में अलॉट किए गए थे।
फ्लैट खाली न करने के कारण अब सिसोदिया को पिछले दो महीने यानी मार्च से अप्रैल तक का किराया देना पड़ेगा। दोनों महीने का कुल किराया 1,33,064 रुपए है।
नहीं ली थी अनुमति
सूत्रों ने बताया कि सरकार गिरने के 15 दिन बाद तक कोई भी मंत्री आधिकारिक रूप से बिना किराया दिए सरकारी आवास में रह सकता है।
हालांकि बाद में अगर वह चाहे तो अगले छह महीने के लिए परमिशन ले सकता है लेकिन इसके लिए उसे निर्धारित किराया देना होगा।
'आप' के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने सरकार आवास में रहने के लिए ऐसी कोई अनुमति नहीं ली और न ही कोई प्रार्थना पत्र दिया।
केजरीवाल ने मांगा था समय
वहीं, पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी सरकारी आवास छोड़ने के लिए अगले छह महीने की अनुमति मांगी है।
केजरीवाल ने अपने बच्चों की परीक्षाएं होने का हवाला देते हुए दिल्ली में ही रहने के लिए आवेदन किया था जिसे बाद में पीडब्ल्यूडी और उपराज्यपाल ने स्वीकार किया था।
फिलहाल केजरीवाल का परिवार सरकारी आवास में ही रह रहा है।