एडीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कटारिया ने बताया कि मूलरूप से हरदोई निवासी 40 वर्षीय आलोक सिंह और सर्वेश एक ही जिले के रहने वाले थे। आलोक सिंह कंपनी में नौकरी करता था और सर्वेश कंटेनर चलाता था। दोनों में अच्छी दोस्ती थी और एक दूसरे के घर पर आना जाना था। इसी दौरान सर्वेश की आलोक की पत्नी से निकटता बढ़ गई, लेकिन कुछ महीनों से आलोक की पत्नी ने दूरी बना ली थी। इसी बीच सर्वेश को भनक लगी कि आलोक की पत्नी रवि नाम के युवक से संबंध रखने लगी है। इससे सर्वेश क्षुब्ध था। तीन महीने पहले सर्वेश ने आलोक के घर इसी बात को लेकर विवाद किया तो आलोक, उसकी पत्नी और रवि ने सर्वेश को पीटा था। इसके बाद से सर्वेश ने बदला लेने की ठान ली थी।
29 अक्तूबर को आलोक सिंह के घर नहीं लौटने पर उसके भाई ने अगले दिन थाने में सूचना दी। भाई की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में आलोक की पत्नी और उसके वर्तमान प्रेमी रवि व उसके एक दोस्त के खिलाफ केस दर्ज किया। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह ने आरोपियों को हिरासत में लेकर गहनता से पड़ताल की गई तो रवि ने आलोक की पत्नी से संबंध की बात तो कबूल की, लेकिन हत्या से इंकार किया। इसके चलते नए सिरे जांच करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
योजना के तहत सर्वेश ने कई महीने से नहीं की थी कॉल
पुलिस का कहना है कि योजना के तहत आरोपी सर्वेश ने आलोक व उसकी पत्नी को मोबाइल पर कोई कॉल नहीं की थी। जांच में रवि की अंतिम कॉल व लंबी बातचीत की जानकारी सामने आई। इससे रवि पर ही शक बढ़ गया। लेकिन गहनता से जांच में सर्वेश का नाम सामने आया। शुरूआत में आराेपी ने गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन बाद में अपराध कबूल कर पुलिस को बताया कि उसने पहले सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र में आलोक को कंटेनर मे बैठाकर शराब पिलाई फिर उससे पत्नी के रवि से संबंध को लेकर मारपीट की। तभी आरोपी ने रिंकू के साथ मिलकर उसके सिर में लोहे के औजार से हमला किया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने केस में नामजद किए गए रवि और आलोक की पत्नी को क्लीन चिट दी है।