गाजीपुर बॉर्डर पर धरना स्थल पर बैठे किसानों ने सोमवार दोपहर को दिल्ली मेरठ हाईवे जाम कर दिया। इससे दिल्ली से यूपी की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब 3 घंटे तक यही स्थिति रही। पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद ही किसान हाईवे से हटे। किसान संगठनों ने शनिवार को घोषणा कि थी कि उनके साथियों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है। ऐसे ही चलता रहा तो वे सोमवार को हाईवे की सभी लेन जाम कर देंगे। इसी कड़ी में किसानों ने यह कदम उठाया था।
दोपहर करीब 4 बजे कई किसान केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए गाजीपुर बॉर्डर के पास दिल्ली मेरठ हाईवे पर पहुंच गए। उन्होंने हाईवे की सभी लेन को जाम कर दिया। किसानों के आंदोलन के चलते यूपी से दिल्ली की ओर जाने वाला रास्ता पहले ही बंद पड़ा है। दूसरे रास्ते के भी बंद हो जाने से यूपी गेट के आसपास के सभी इलाकों में भीषण जाम लग गया।
आलम यह था कि गाजीपुर बॉर्डर से लेकर मयूर विहार कट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हाईवे बंद होने के कारण दिल्ली से आ रहे लोगों को आनंद विहार के रास्ते यूपी में प्रवेश करवाया जा रहा था। इसके चलते हैं आनंद विहार पर वाहनों का दबाव बढ़ गया और देखते देखते वहां भी भीषण जाम लग गया। करीब तीन घंटे तक वाहन कतार में खड़े रहे। 6 बजे किसानों ने पुलिस प्रशासन के समझाने के बाद रास्ता खोला।
किसान संगठनों ने शनिवार को घोषणा की थी कि अगर किसानों को दिल्ली आने से रोका जाएगा तो वह आने वाले दिनों में दिल्ली मेरठ हाईवे की सभी लेन को बंद कर देंगे । सुबह किसान नेताओं को जानकारी मिली कि उनके साथियों को कई जगह पर रोका जा रहा है और उनके वाहनों को भी जब्त किया जा रहा है।
इस मामले में किसान नेताओं प्रशासन से बातचीत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद ही किसानों ने हाईवे को पूरी तरह से जाम करने का फैसला लिया। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को धरना स्थलों पर आने से रोका नहीं जाएगा। इसके बाद किसानों ने रास्ता खोला।