भारत में हर तीसरा व्यक्ति उच्च रक्तचाप का शिकार है। यही नहीं दो तिहाई लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं है कि वह इस बीमारी से पीड़ित हैं।
कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) के एक अध्ययन से यह तथ्य सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई बीपी कई बीमारियों के लिए जिम्मेदार है।
सीएसआई की ओर से देश के 24 राज्यों के 200 शहरों के 700 स्थानों पर एक लाख से अधिक लोगों का एक ही दिन बीपी चेक किया गया। आंकड़ों की पड़ताल करने के बाद यह बात सामने आई कि 42 फीसदी लोग अनियंत्रित रक्तचाप से पीड़ित हैं।
पीड़ितों की संख्या में बड़ा इजाफा
जांच में एक तथ्य यह सामने आया है कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित 25 फीसदी लोगों की उम्र 31 से 45 वर्ष के बीच थी। जो लोग हाई बीपी के शिकार थे उनमें से दो तिहाई लोगों की उम्र 60 वर्ष से कम थी।
सीएसआई के प्रेसिडेंट डॉ. एचके चोपड़ा ने कहा कि भारत में उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को मरीज नहीं कहा जाता जबकि यह कई बीमारियों का कारक होता है।
डॉ. चोपड़ा ने यह भी कहा कि पिछले दो दशक में भारत में उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों की संख्या में अच्छा खासा इजाफा हुआ है।
सर्वे में 25 हजार लोगों की हुई जांच
सीएसआई के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि सर्वे से पता लगा कि लोगों में जागरूकता का कितना अभाव है। लोगों को इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि वे हाई बीपी के शिकार हैं।
जबकि हाई बीपी से हृदय संबंधी रोग का गंभीर खतरा होता है। इससे किडनी फेल होने का भी खतरा बना रहता है। ऐसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि लोग नियमित तौर पर अपने बीपी की जांच कराते रहें।
सर्वे में दिल्ली के करीब 25 हजार लोगों के बीपी की जांच हुई थी।