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Delhi NCR News: उत्तरी दिल्ली में हर दूसरा युवा बेरोजगार, पूर्वी दिल्ली की हालत भी खराब

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पीएलएफएस 2025 सर्वे का खुलासा, उत्तरी दिल्ली में 44.3 प्रतिशत युवा न पढ़ाई में, न नौकरी में
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दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सबसे कम 3.2 प्रतिशत बेरोजगारी
राजधानी में औसतन 5.9 प्रतिशत बेरोजगार
जिलों के बीच श्रम बाजार में दिखा भारी आर्थिक असंतुलन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 के जिला-स्तरीय आंकड़ों ने राजधानी दिल्ली के श्रम बाजार की गंभीर विषमता को उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां उत्तरी दिल्ली में 15 से 29 वर्ष के 44.3 प्रतिशत युवा नीट (न तो शिक्षा में, न रोजगार में और न ही किसी प्रशिक्षण में) श्रेणी में आ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्वी दिल्ली 8.3 प्रतिशत की उच्चतम बेरोजगारी दर के साथ सबसे अधिक प्रभावित जिला बनकर उभरा है। इसके ठीक विपरीत, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में बेरोजगारी दर पूरी राजधानी में सबसे कम 3.2 प्रतिशत दर्ज की है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली का समग्र श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 44.2 प्रतिशत और श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 41.6 प्रतिशत है। पूरी दिल्ली में औसतन बेरोजगारी दर (यूआर) 5.9 प्रतिशत और युवा नीट दर 24.7 प्रतिशत पाई गई है।
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उत्तरी व मध्य दिल्ली में युवा ऊर्जा पर संकट
रिपोर्ट के आंकड़े चिंता जताते हैं कि उत्तरी दिल्ली में युवाओं की एक बड़ी आबादी विकास की मुख्यधारा से कट चुकी है। उत्तरी दिल्ली में नीट दर रिकॉर्ड 44.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो दिल्ली के सभी जिलों में सर्वाधिक है। इसके बाद सेंट्रल दिल्ली का स्थान है, जहां 33.2 प्रतिशत युवा न तो कोई पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी रोजगार या स्किल ट्रेनिंग से जुड़े हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिल्ली में नीट दर 25.7 प्रतिशत और दक्षिण दिल्ली में 25.3 प्रतिशत दर्ज की गई है।
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पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा बेरोजगारी
बेरोजगारी दर (यूआर) के मामले में पूर्वी दिल्ली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां 8.3 प्रतिशत की दर दर्ज की गई है। इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली (7.4 प्रतिशत), उत्तर दिल्ली (6.8 प्रतिशत), उत्तर-पूर्व दिल्ली (6.4 प्रतिशत) और पश्चिम दिल्ली (6.3 प्रतिशत) का नंबर आता है। इसके ठीक विपरीत, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली ने श्रम बाजार के सभी मापदंडों पर राजधानी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 46.7 प्रतिशत और श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 45.2 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक है, जबकि यहां बेरोजगारी दर सबसे कम 3.2 प्रतिशत और नीट दर मात्र 12.3 प्रतिशत है।
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