ग्रेटर नोएडा में काफी अभिभावकों ने अपात्र होने के बावजूद भी आरटीई के तहत अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की जांच में हुआ। जांच के दौरान कुल 2461 में से 473 आवेदनों को अपात्र होने पर निरस्त कर दिया गया है।
निजी स्कूल आरटीई के तहत गरीब बच्चों का दाखिला करने में आनाकानी कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से दाखिले कराने की व्यवस्था की। विभाग ने आरटीई के तहत अभिभावकों से आवेदन मांगे थे। ताकि, निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला कराया जा सके।
तीन चरण में कुल 2461 बच्चों के आवेदन आए। जबकि पहले दो चरण में कुल 1494 आवेदन आए। उनकी जांच की गई। जांच के बाद 1321 बच्चों का दाखिला विभिन्न स्कूलों में कराया गया।
जबकि, बाकी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। वहीं तीसरे चरण में 967 आवेदन आए हैं। इनमें से 300 को निरस्त कर दिया गया है। बाकी 667 आवेदनों के दाखिले लॉटरी के माध्यम से विभिन्न स्कूलों में कराए जाएंगे।