आर्ट ऑफ लिविंग ने एनजीटी के आदेश पर 5 करोड़ रुपये के पर्यावरणीय क्षति शुल्क में शुरुआती 25 लाख रुपये डीडीए को दे दिए हैं। एओएल की ओर से पेश होने वाली वकील सरस्वती अक्षमा नाथ ने कहा कि आरटीजीएस के जरिए शुक्रवार को डीडीए के खाते में 25 लाख रुपये जमा कर दिए गए।
वहीं, डीडीए सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार शाम तक चेक और ड्राफ्ट के जरिये पैसा नहीं जमा किया गया था। यदि आरटीजीएस से शुक्रवार को डीडीए के खातों में पैसा जमा कर दिया गया होगा तो यह पुष्टि सोमवार को बैंक स्टेटमेंट लेने के बाद ही हो पाएगी।
शनिवार को बैंक बंद होने के चलते इसका पता नहीं चल पाया। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा था कि यदि आर्ट ऑफ लिविंग 25 लाख रुपये महोत्सव से पहले नहीं जमा करती है तो वैश्विक महोत्सव के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से मिलने वाले 2.5 करोड़ रुपये को भी जब्त कर लिया जाएगा।
यदि सोमवार को यह पुष्टि होती है कि एओएल ने समय से डीडीए के पास पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क नहीं जमा किया है तो याची इस मामले पर भी अगली सुनवाई या उससे पहले मुद्दा उठा सकते हैं।