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आवरा कुत्तों का आतंक, सैंकड़ों लोगों को रोज लग रहे एंटी रेबीज वैक्सीन 

Sat, 12 Mar 2016 09:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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कुत्ता
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शहर में लावारिस कुत्ते बाइक, कार, साइकिल और पैदल चलने वालों के पीछे अक्सर भौंकते-दौड़ते और कई बार उन्हें काटते भी नजर आते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 170 से 180 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने आते हैं।
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इसमें कुत्ता काटने से पीड़ित नए रोगियों की संख्या से 60 से 65 है। ईएसआई और निजी अस्पतालों में रोजाना औसतन 70 से 75 लोगों को एआरवी की पहली डोज लगाई जाती है।

गांवों से लेकर सेक्टरों तक भरमार
नोएडा के गांव से लेकर सेक्टरों तक में लावारिस कुत्तों तक की भरमार है। वाहनों के पीछे कुत्ते अक्सर दौड़ लगाते हैं। बाइक, साइकिल और पैदल चलने वालों को यह काट भी लेते हैं। इनमें बच्चे सभी शामिल हैं। तीन माह पहले सेक्टर-36 में एक विदेशी नागरिक को कुत्ते ने जख्मी कर दिया था। उसे सेक्टर-11 के मेट्रो अस्पताल में भर्ती किया गया था। यह पहला ऐसा मामला नहीं है।
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फोनरवा ने कई बार दिया नोटिस
फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहना है कि उन्होंने कई बार सोसायटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स (एसपीसीए) के अधिकारियों को कुत्तों को पकड़ने के लिए कहा है। सुनवाई न करने पर कई बार नोटिस भी दिया है लेकिन एसपीसीए कुत्तों को पकड़ने या इनकी संख्या काबू करने के तरीकों पर प्रयास नहीं कर रहा है।

क्या कहता है एसपीसीए
एसपीसीए की पदाधिकारी विधि शुक्ला का कहना है कि हर माह करीब 200 से 230 लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाती है। साथ ही इनको रेबीज से बचाने के लिए वैक्सीन भी लगाई जाती है। इसके बाद छोड़ दिया जाता है। रोजाना औसतन 5-6 लोग कुत्ता काटने की शिकायत करते हैं। शिकायत के आधार पर इन कुत्तों को वैक्सीन लगाई जाती है और इनकी भी जांच की जाती है कि कुत्ते को रेबीज है या नहीं। दो साल में रेबीज का कोई मामला नहीं मिला है।
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