दिल्ली के दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने लिफाफेबाज गिरोह का पर्दाफाश कर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये असली नोटों के बदले लोगों को सादे कागजों की गड्डी थमा कर गायब हो जाते थे। आरोपी कई सालों से ठगी की वारदात कर रहे थे और पहली बार गिरफ्तार हुए हैं। आरोपी आपराधिक वारदातों में चोरी के मोबाइल फोन का प्रयोग करते थे।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त प्रेमनाथ के अनुसार बैंकों के आसपास ठगी की बढ़ रही वारदात को देखते हुए स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर अखिलेश्वर यादव की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई। इस पुलिस टीम ने कई जगह हुई ठगी के मामलों का अध्ययन किया। तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में सुराग हाथ लग गया।
पुलिस टीम को आठ अक्तूबर को सूचना मिली थी कि ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य लाडो सराय से एमबी रोड होकर साकेत जाएंगे। पुलिस टीम ने एमबी रोड पर घेराबंदी कर ऑटो में जा रहे तीन बदमाश भुल्लन साहनी (30), संजय साहनी (22) और रामबाली (31) को पकड़ लिया। तीनों आरोपी मोतिहारी, बिहार के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ब्रह्मदेव इस गिरोह का सरगना है। वही, उन्हें वारदात के लिए चोरी के मोबाइल फोन देता था। आरोपी बैंकों के आसपास सीधे-साधे या फिर कम पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ये ठगी के कई तरीके अपनाते थे। जैसे किसी को बैंक का फॉर्म भरना नहीं आता है या जो कैश को ठीक से नहीं गिन सकता या फिर नकली नोट होने की बात कहकर ठगते थे।
ये पीड़ित से असली नोटों की गड्डी ले लेते थे और उसे साधे कागजों की नोटों के आकार में बनाई गई गड्डी थमा देते थे। सादे कागजों की गड्डी पर ऊपर व नीचे कुछ असली नोट लगे होते थे। ये नकली नोटों की गड्डी लिफाफे में रखकर देते थे। पीड़ित को ठगने के बाद आरोपी ऑटो रिक्शा से तुरंत मौके से गायब हो जाते थे। ये वारदात करने ऑटो रिक्शा से जाते थे। पुलिस इस गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है।