प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की कोशिश से इंजीनियरिंग क्षेत्र में हर दूसरे छात्र को रोजगार मिलने लगा है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से जुड़े सभी 3240 कॉलेजों में 2018-19 में कैंपस प्लेसमेंट में बीटेक और एमटेक के 52 फीसदी छात्रों को रोजगार मिला। वहीं, यूपी, हरियाण व उत्तराखंड सहित कई राज्यों में 60 फीसदी तक रोजगार मिले। दो साल में कैंपस प्लेसमेंट सात फीसदी बढ़े हैं।
एआईसीटीई के मुताबिक 2017-18 में आंकड़ा 45.29 फीसदी था। 2016-17 में 44 फीसदी छात्रों को ही रोजगार मिला। इंजीनियरों की घटती मांग, कॉलेज प्रबंधन के कैंपस बंद करने के दबाव के बीच मोदी सरकार ने एआईसीटीई को तकनीकी शिक्षा में बाजार के मुताबिक कोर्स तैयार करने और कैंपस प्लेसमेंट में उद्योगों को शामिल करने पर फोकस किया। इसी से कैंपस प्लेसमेंट में बढ़ोतरी हुई।
जम्मू-कश्मीर में सुधरा प्लेसमेंट
यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा, चंडीगढ़ में कैंपस प्लेसमेंट सुधरा है। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर में आतंक के माहौल के बावजूद कंपनियां प्लेसमेंट के लिए पहुंच रही हैं। वहां 2016-17 में 22.88 फीसदी छात्रों को प्लेसमेंट मिला था। 2018-19 में यह आंकड़ा 26 फीसदी पार कर गया है। उत्तराखंड में 2016-17 में 31.59 फीसदी प्लेसमेंट था, जो 2017-18 में 44.73 फीसदी हो गया।