कार्यालय में काम करने के कुछ नियम, कायदे और मर्यादाएं होती हैं। लेकिन मेवात के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय कर्मियों के लिए मर्यादाएं कोई मायने नहीं रखतीं। बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने इस कार्यालय की लाइव रिपोर्टिंग करते हुए पाया इसे देखा।
दोपहर 1:55 बजे लघु सचिवालय की दूसरी मंजिल पर स्थित अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में अतिरिक्त उपायुक्त मौजूद नहीं थे। उनके सहायक बीरसिंह अपने कार्यालय में मौजूद थे और अपना काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने कमीज उतारी हुई थी और बनियान पहने हुए थे।
संवाददाता को देखकर उन्होंने कमीज पहन ली। इसके बाद टीम उस कार्यालय की तरफ बढ़ी, जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त बैठते हैं। वहां से ईश्वर सिंह डागर नाम के कर्मचारी बाहर निकले, तो उन्होंने भी कमीज उतारी हुई थी।
बनियान में ही वापस आकर एडीसी के कार्यालय में घुस गए
दफ्तर
- फोटो : डेमो पिक
वे वहां से बाहर निकलकर अपने कार्यालय तक बनियान में ही गए और बनियान में ही वापस आकर एडीसी के कार्यालय में घुस गए। जिनकी फोटो व वीडियो रिकॉर्डिंग ‘अमर उजाला’ के पास मौजूद है। यहां यह भी बता दें कि एडीसी कार्यालय में कई महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों का इस तरह का व्यवहार कितना वाजिब हैं, ये अपने आप में एक बडा सवाल है।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेश नरवाल को जब उनके कार्यालय के हालातों के बारे में फोन पर बताया तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उनके कर्मचारी काम तो कर रहे थे, काम नहीं करते, अनुपस्थित होते तो बात अलग थी। उन्हें गर्मी लग रही होगी, इसलिए कमीज उतार ली होगी और नीचे बनियान तो पहनी होगी।
जब उनसे पूछा गया कि कार्यालय की एक मर्यादा होती है और उस मर्यादा में रहकर काम किया जाए तो ज्यादा अच्छा रहता है, इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वे व्यस्त हैं और इस बारे में बाद में बात करेंगे।