किशनलाल पराशर इमरजेंसी के दौरान गए थे जेल
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आपातकाल के दौरान ग्रेटर नोएडा रबूपुरा के लोकतंत्र सेनानी किशनलाल पराशर को विवाह के 15 दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस दौरान उनकी पत्नी के हाथ से सुहाग की मेंहदी भी नहीं छूटी थी। आपातकाल के दौरान ही उनका विवाह हुआ था ।उन्हें 19 माह छह अन्य साथियों के साथ जेल में रहकर बीए की पढ़ाई करनी पड़ी।
किशनलाल पराशर ने बताया कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 आपातकाल का दौर चला। इस दौरान रबूपुरा से सात लोकतंत्र सेनानियों को गिरफ्तार कर आगरा व बुलंदशहर की जेल भेजा गया। वे भी गिरफ्तार लोगों में से एक थे।
उनके साथ कांती प्रसाद जैन, राम अवतार गर्ग, सलेकचंद्र गर्ग, कंछीलाल शर्मा, गोविंद्र प्रसाद माहेश्वरी व भगवान शाह जेल भेजे गए थे। किशन लाल ने बताया कि उनका विवाह 10 जून 1975 को हुआ था।
25 जून 1975 को उन्हेें गिरफ्तार कर पहले आगरा और फिर बुलंदशहर जेल भेजा गया। यहां सभी को 19 माह तक रहना पड़ा। गिरफ्तारी के दौरान वह बीए की पढ़ाई कर रहे थे। जेल में रहने के दौरान ही उन्होंने बीए की पढ़ाई पूरी की।
किशनलाल ने बताया कि जेल में भी वह देश प्रेम के साथ-साथ अन्य देश भक्ति के कार्यक्रमों का आयोजन करते थे। जेल से आने के बाद उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किया।
पारासर ने बताया कि जेल से जब उन्हें न्यायालय में पेश किया जाता, तब बुलंदशहर के तत्कालीन जिला जज दिनेश मोहन आर्य ने उनसे प्रभावित होकर पुलिस से बिना हथकड़ी के उन्हें न्यायालय में पेश करने के लिए कह दिया था।