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गर्मी में तीन लाख लोगों को रुलायेगी बिजली

Wed, 11 Mar 2015 06:53 PM IST
शैली खुल्लर/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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जिले के करीब तीन लाख उपभोक्ताओं को इस बार भी गर्मियों में घंटों बिजली कटौती से दो-चार होना पड़ेगा। ओवरलोडिंग और पावर ट्रिपिंग की समस्या को समाप्त करने के लिए बिजली निगम ने जिन नौ नए सब-स्टेशनों के निर्माण की योजना बनाई थी। वह तीन साल से कागज पर ही है, जमीन पर नहीं उतरी। क्योंकि इन्हें बनाने के लिए जमीन नहीं मिली।
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इनके निर्माण के लिए कुछ जगह पर्यटन विभाग और कुछ हुडा से चाहिए। लेकिन दोनों की ओर से जमीन की मार्किंग और जगह न बताए जाने के कारण सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वर्ष 2012 में बिजली वितरण निगम और विद्युत प्रसारण निगम ने बिजली की मांग और आपूर्ति को देखते हुए नौ सब-स्टेशनों का प्रस्ताव तैयार किया था।

जिसे मुख्यालय ने पास भी कर दिया गया था। एसई मुकेश गुप्ता ने बताया कि जिन सब-स्टेशनों को बनाया जाना था, उसके लिए मुख्यालय से बात की जा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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ये हैं सब स्टेशन हैं ओवरलोडेड
मौजूदा सब स्टेशन ए-2, ए-4, ए-5, एफसीआई, हैदराबाद, एनएच-3, झाड़सैंतली से कई रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्र जुड़े हैं। लेकिन लोड अधिक होने के कारण आए दिन इन सब स्टेशनों को अपडेट किया जाता है जिससे बिजली कटौती करनी पड़ती है। जरा सी मांग बढ़ी कि ये बैठ जाते हैं।

यहां बनने थे नए सब स्टेशन
बिजली निगम के प्रस्ताव के अनुसार तिलपत, सेक्टर-21डी, सूरजकुंड, सेक्टर-59, 23, सरूरपुर, मोहना, खेड़ी, ग्रीनफील्ड में 66 केवी का नया सब स्टेशन बनाया जाना है। सेक्टर-58 में 220 केवी का एक बड़ा सब स्टेशन बनना था। उस वक्त इन्हें बनाने के लिए 20 करोड़ की लागत का अनुमान लगाया गया था।

कितनी जमीन चाहिए
सब-स्टेशन बनाने के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम को प्रत्येक के लिए चार-चार एकड़ जमीन चाहिए। इसके लिए बिजली निगम ने पर्यटन विभाग और हुडा से जमीन के लिए आवेदन किया था। सब-स्टेशनों का निर्माण 2017 तक पूरा होना था।
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