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बिजली की नई दर निर्धारित करने में जुटा विद्युत विनियामक आयोग

Wed, 01 Jul 2020 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  

सार

  • उभोक्ताओं से सुझाव ले लिया गया है, जल्द ही नई दर तय की जाएगी
  • रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने फिक्स चार्ज को खत्म करने का सुझाव दिया
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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एक बार फिर बिजली की नई दर निर्धारित करने की कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) नये सिरे से बिजली दर निर्धारित करने में जुटा हुआ है।

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उपभोक्ताओं व बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी के सुझाव हर साल की तरह इस साल भी डीईआरसी ने ले लिया है। 30 जून तक लिए जाने वाले सुझाव में नार्थ दिल्ली रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन ने बढ़ोतरी नहीं करने के साथ ही फिक्स चार्ज को खत्म करने की मांग की है।  

डीईआरसी ने अपनी वेबसाइट पर विवरण अपलोड करने के बाद उपभोक्ताओं से 20 मार्च तक आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। बिजली की दर को लेकर 18 मार्च को डीईआरसी की तरफ से जनसुनवाई भी होनी थी। 
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लेकिन कोरोना वायरस की वजह से यह सुनवाई नहीं हई। डीईआरसी ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जनसुनवाई नहीं करने का फैसला किया है। उपभोक्ताओं से 30 जून तक अपनी आपत्ति व सुझाव दर्ज कराने को कहा गया। 

नार्थ दिल्ली रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक भसीन ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज लेना उचित नहीं है। बिजली कंपनियों को यह शुल्क वापस करना चाहिए। नई दरों में फिक्स चार्ज डीईआरसी को माफ करना चाहिए। 

20 रुपये प्रति किलोवाट से ज्यादा स्थाई शुल्क नहीं होना चाहिए। 100 रुपया प्रति किलोवॉट फिक्स चार्ज वसूलने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ता है। लॉकडाउन में दुकानें बंद रही बावजूद लोगो से फिक्स चार्ज वसूला गया। इससे आर्थिक बोझ बढ़ा है।

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