इन अस्पतालों को लिखा गया पत्र
अस्पताल प्रशासन ने संजय गांधी मेडिकल अस्पताल, भगवान महावीर अस्पताल, दीप चंद बंधु अस्पताल, बाबू जगजीवन राम अस्पताल, महर्षि वाल्मीकि अस्पताल व सत्यवादी राजा हरिशचंद्र अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षकों पत्र लिखते हुए कोई भी मरीज अस्पताल न भेजने का आग्रह किया है। साथ ही अपने से यहां भेजे गए मरीज को देखने के लिए भी कहा है। प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे सब स्टेशन में आग लगने से बिजली गुल हो गई थी।
अस्पताल पहुंचे मरीजों को हुई परेशानी
बिजली गुल रहने की वजह से शनिवार को अस्पताल में आपातकालीन से लेकर ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। कुछ मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजों को समझाकर दूसरे अस्पतालों में भेजा। कुछ मरीज ऐसे भी थे, जिनकी हालत अधिक खराब थी। ऐसे में डॉक्टरों ने अपने स्तर पर प्राथमिक उपचार देकर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया। ओपीडी पहुंचने वाले कुछ मरीजों का शनिवार को अप्वाइंटमेंट भी था, लेकिन बिजली गुल के कारण पूरा दिन ओपीडी में सन्नाटा पसरा रहा।
ओपीडी न चलने से डॉक्टर को नहीं दिखा सकीं कैलाशी
पीतमपुरा से पहुंची कैलाशी देवी ने कहा कि उनका बीते माह पेट का ऑपरेशन हुआ था। इस सिलसिले में शनिवार को डॉक्टर को दिखाना था, लेकिन बिजली न होने के कारण ओपीडी नहीं लगी। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे में भी बिजली नहीं आएगी व रविवार होने के कारण ओपीडी भी बंद रहेगी। ऐसे में अब अगले सप्ताह ही अस्पताल आना होगा। वहीं, बिजली न होने के कारण अस्पताल में मौजूद डॉक्टर व अन्य स्टॉफ पूरा दिन परेशान रहा। गर्मी से बचने के लिए कुछ स्टॉफ ने परिसर के पेड़ों के नीचे भी शरण ली। वहीं, कुछ लोग गर्मी में पसीना बहाने पर मजबूर रहे।
शुक्रवार शाम को चली गई थी बिजली
आंबेडकर अस्पताल में शुक्रवार की शाम को इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन में शॉट सर्किट होने की वजह से पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई थी। काफी घंटे तक मरीज व उनके तीमारदार गर्मी में परेशान रहे थे। अंत में अस्पताल प्रशासन को शाम को भर्ती मरीजों को बुराड़ी स्थित अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा था। मरीजों का कहना था कि कई घंटों के इंतजार के बाद भी बिजली न आने से काफी परेशानी हुई।